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साढ़ू को फायदा पहुंचाने के आरोप में केजरीवाल के खिलाफ रिपोर्ट तलब

Tue, 07 Feb 2017 07:06 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल - फोटो : file photo
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अदालत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर एफआईआर दर्ज करने की मांग संबंधी याचिका पर आर्थिक अपराध शाखा से जवाब मांगा है। केजरीवाल पर आरोप है कि उन्होंने अपने साढ़ू को अवैध तरीके से लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में ठेके दिलवाकर सरकारी खजाने को 10 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया।
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महानगर दंडाधिकारी अभिलाष मल्होत्रा के समक्ष पेश आईपी एस्टेट थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच ईओडब्ल्यू कर रही है। इसके बाद अदालत ने ईओडब्ल्यू के पुलिस उपायुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मामले की अगली सुनवाई 9 फरवरी को होगी। अदालत ने पीडब्ल्यूडी के सचिव को भी मामले में अनुपालन रिपोर्ट पेश करने को कहा है। अदालत ने पीडब्ल्यूडी से इस मामले से संबंधित ठेका आवंटन संबंधी दस्तावेज को कब्जे में लेकर सुरक्षित रखने को कहा है।
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'सरकारी खजाने को 10 करोड़ रुपये का नुकसान'

- फोटो : file photo
गौरतलब है कि याचिकाकर्ता वकील किसले पांडेय ने अदालत के समक्ष कहा कि इस मामले में बड़ी गहराई तक भ्रष्टाचार फैला हुआ है। केजरीवाल ने पहले अपने साढू़ सुरेंद्र कुमार बंसल को पीडब्लूडी के ठेके दिलवाए। ये ठेके मामूली सड़क मरम्मत आदि से जुड़े थे। इस संबंध में आरटीआई लगाई गई, तो पता चला कि सुरेंद्र बंसल ने मरम्मत कार्य के लिए जिन लोगों से ईंट, सीमेंट, सरिया आदि खरीदा उनके खातों में बंसल के साथ हुए किसी लेनदेन का जिक्र ही नहीं है।

उनका तर्क है कि इससे साफ है कि बंसल ने फर्जी बिल पीडब्लूडी में लगाए और उन्हें विभाग ने बिना जांच पड़ताल किए पास भी कर दिया। आरोप लगाया गया कि वास्तव में जिस जगह मरम्मत कार्य का ठेका दिया गया था, वहां कुछ हुआ ही नहीं है। इस पूरे भ्रष्टाचार के कारण सरकारी खजाने को 10 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचा। याची ने अदालत से मांग की है कि वह केजरीवाल, उनके साढू़ और पीडब्लूडी के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पीके कथूरिया सहित अन्य अधिकारियों के खिलाफ जालसाजी, धोखाधड़ी व आपराधिक षड्यंत्र के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दे।
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केजरीवाल और कीर्ति आजाद पर जुर्माना

फाइल फोटो
हाईकोर्ट ने दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (डीडीसीए) द्वारा दायर सिविल मानहानि मामले में देरी से जवाब दायर करने पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और भाजपा से निलंबित सांसद कीर्ति आजाद पर क्रमश: 10 हजार और 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

हाईकोर्ट के संयुक्त रजिस्ट्रार अनिल कुमार सिसौदिया ने कहा कि जुर्माना भरे जाने के बाद ही दोनों के जवाब को केस के रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा। मुख्यमंत्री पर लगाया 10 हजार का जुर्माना डीडीसीए को दिया जाएगा। वहीं, आजाद पर लगाए जुर्माने की रकम में से 20 हजार डीडीसीए को और 10 हजार रुपये हाईकोर्ट विधिक सेवा प्राधिकरण को दिया जाए। 

संयुक्त रजिस्ट्रार ने 15 जनवरी को इस बारे में अपना फैसला सुरक्षित किया था। दोनों ने अलग-अलग याचिका दायर कर देरी से जवाब दाखिल करने पर माफी मांगी थी। इससे पूर्व डीडीसीए के वकील ने अदालत में दोनों की क्षमा याचिका का विरोध किया था। उन्होंने अदालत को बताया था कि मुख्यमंत्री ने 16 दिन और आजाद ने 70 दिन बाद अपना जवाब दायर किया है। वहीं, मुख्यमंत्री के वकील का तर्क था कि व्यस्तता के कारण उनके मुवक्किल से ऐसा हुआ। आजाद का कहना था कि वह संसद में व्यस्त थे। 

 पेश मामले में डीडीसीए ने यह याचिका दायर की है। याची के अनुसार मुख्यमंत्री ने एक टीवी चैनल पर डीडीसीए के बारे में आपत्तिजनक बयान दिए हैं। आजाद ने इसका समर्थन किया था, जिससे उसकी छवि को नुकसान पहुंचा और उसकी प्रतिष्ठा कम हुई है। याची ने दोनों से ढाई-ढाई करोड़ हर्जाने के रूप में दिलाने का आग्रह भी किया है।
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