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ट्रेन गोलीकांड: कोर्ट ने नहीं दी आरोपी के नार्को टेस्ट की अनुमति, कहा- चुप रहना आरोपी का मौलिक अधिकार

Sat, 26 Aug 2023 05:46 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने अदालत से चौधरी की नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ जांच कराने के लिए बोरीवली मजिस्ट्रेट अदालत से मंजूरी मांगी थी।
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Court Room - फोटो : Social Media
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विस्तार
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चलती ट्रेन में चार लोगों की गोली मारकर हत्या करने के आरोपी बर्खास्त आरपीएफ कांस्टेबल चेतन सिंह चौधरी का नार्को परीक्षण कराने की अनुमति देने से मजिस्ट्रेट अदालत ने इन्कार कर दिया। अदालत ने कहा कि चुप रहना आरोपी का मौलिक अधिकार है। अदालत ने यह आदेश 11 अगस्त को जारी किया था।

आदेश में कहा गया है कि किसी आरोपी को केवल सुचारु जांच के लिए ऐसे परीक्षणों से गुजरने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता है। सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने अदालत से चौधरी की नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ जांच कराने के लिए बोरीवली मजिस्ट्रेट अदालत से मंजूरी मांगी थी। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में ठाणे जेल में बंद है। अभियोजन पक्ष ने कहा था कि उस पर गंभीर अपराध का आरोप है और जांच पूरी करने के लिए नार्को और अन्य परीक्षण जरूरी हैं।

चौधरी के अधिवक्ताओं सुरेंद्र लांडगे, अमित मिश्रा और जयवंत पाटिल ने याचिका का विरोध करते हुए कहा कि नार्को परीक्षण मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और यदि कोई आरोपी इसे कराने के लिए सहमति नहीं देता है तो इसका परीक्षण नहीं किया जा सकता है। बता दें, महाराष्ट्र के पालघर रेलवे स्टेशन के पास जयपुर-मुंबई सेंट्रल एक्सप्रेस में चौधरी (34) ने 31 जुलाई को अपने वरिष्ठ अधिकारी, आरपीएफ सहायक उप-निरीक्षक टीका राम मीना और तीन यात्रियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी।

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