नवाब मलिक जब महाराष्ट्र सरकार में मंत्री थे तब यह केस दर्ज हुआ था। दरअसल उन्होंने कुछ बयान दिए थे, जिन्हें मोहित कंबोज ने अपनी छवि को नुकसान पहुंचाने वाला बताया था। अब मोहित कंबोज के शिकायत वापस लेने से नवाब मलिक को राहत मिली है और कोर्ट ने यह मामला खत्म कर दिया है।
महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक को बड़ी राहत मिली है। उनके खिलाफ चल रहा मानहानि का केस कोर्ट ने बंद कर दिया है। यह मामला भारतीय जनता पार्टी के नेता मोहित कंबोज की तरफ से दर्ज कराया गया था, लेकिन अब उन्होंने खुद ही अपनी शिकायत वापस ले ली है। मोहित कंबोज ने कोर्ट को बताया कि वह अब नवाब मलिक के खिलाफ अपनी शिकायत को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। इसके बाद कोर्ट ने मामला बंद कर दिया।
अक्तूबर 2021 में भाजपा नेता ने दर्ज कराया था केस
बता दें कि भारतीय जनता युवा मोर्चा नेता मोहित कंबोज ने नबाव मलिक पर 100 करोड़ रुपये का मानहानि का केस दर्ज कराया था। इस मामले में मोहित कंबोज ने 9 अक्तूबर 2021 में नवाब मलिक को एक नोटिस भेजा था। मोहित कंबोज ने नोटिस में कहा था कि बिना सबूत के मानहानिकारक बयान देना गलत है। मोहित कंबोज ने नोटिस में कहा था कि बिना सबूत के मानहानिकारक बयान देना गलत है। इसके बावजूद नवाब मलिक उनपर लगातार हमला बोल रहे थे। इसके बाद मोहित कंबोज ने कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया।
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मोहित कंबोज पर नवाब मलिक ने क्या लगाए थे आरोप
नवाब मलिक ने मोहित कंबोज पर यह आरोप लगाया था कि क्रूज रेव पार्टी मामले में उनके साले को भी नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो ने अपनी हिरासत में लिया था। लेकिन भाजपा नेताओं के दबाव में समीर वानखेड़े ने उन्हें छोड़ दिया। तत्कालीन मंत्री नबाव मलिक के इस आरोप के बाद मोहित कंबोज ने उन आरोपों को निराधार बताया था।
नवाब मलिक को जानें
नवाब मलिक अजित पवार वाले एनसीपी गुट के नेता हैं। नवाब मलिक ने पिछले 2024 के विधानसभा चुनाव में मानखुर्द शिवाजी नगर से चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालांकि इस चुनाव में वे 15 हजार 501 वोटों के साथ चौथे नंबर रहे थे। वह उद्धव ठाकरे वाली सरकार में अल्पसंख्यक विकास, औकाफ, कौशल विकास, रोजगार और उद्यमिता मंत्री रहे हैं। नवाब मलिक गोंदिया और परभणी जिले के संरक्षक मंत्री के रूप में भी कार्य कर चुके हैं। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और मुंबई अध्यक्ष और महाराष्ट्र के आवास मंत्री जैसे पदों पर भी रहे हैं।