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AP: जेल में बंद पूर्व सीएम चंद्रबाबू नायडू के सेल में लगेगी एसी, खराब स्वास्थ्य के कारण अदालत ने दी इजाजत

Sun, 15 Oct 2023 03:04 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अमरावती

सार

केंद्रीय जेल के डॉक्टरों की एक टीम ने कहा था कि नायडू के सेल में एसी अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनकी त्वचा को खराब होने से रोका जा सके। डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें अस्पताल में स्थानांतरण की आवश्यकता नहीं है, बस ठंडा वातावरण आवश्यक है।
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कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू (फाइल फोटो) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री गिरफ्तारी के बाद से इन दिनों सुर्खियों में बने हुए हैं। कौशल विकास निगम घोटाले में जेल जाने वाले टीडीपी प्रमुख को कोर्ट ने राहत दी है। कोर्ट ने पूर्व सीएम को राजामहेंद्रवरम केंद्रीय जेल में एयर कंडीशनिंग की सुविधा मुहैया कराने की अनुमति दे दी है।

डॉक्टरों ने की थी सिफारिश

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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पूर्व सीएम एन चंद्रबाबू नायडू के वकीलों ने शनिवार को विजयवाड़ा एसीबी कोर्ट में एयर कंडीशनिंग सुविधा के लिए याचिका दायर की थी, जिसे कोर्ट ने शनिवार को ही स्वीकार कर लिया। दरअसल, केंद्रीय जेल के डॉक्टरों की एक टीम ने कहा था कि नायडू के सेल में एसी अत्यंत आवश्यक है, जिससे उनकी त्वचा को खराब होने से रोका जा सके। डॉक्टरों ने कहा था कि उन्हें अस्पताल में स्थानांतरण की आवश्यकता नहीं है, बस ठंडा वातावरण आवश्यक है। वकीलों ने याचिका में एसीबी कोर्ट से अपील की कि अगर नायडू का स्वास्थ्य बिगड़ रहा है। अगर उनके सेल में एसी नहीं लगवाई गई तो उन्हें अपूर्णीय क्षति होगी, जिससे उन्हें कठिनाईयों का सामना करना पड़ सकता है।

अब जानिए क्या है पूरा मामला
आंध्र प्रदेश में चंद्रबाबू नायडू की सरकार के वक्त युवाओं को कौशल विकास प्रशिक्षण देने के लिए योजना की शुरुआत की गई थी। इस योजना के हैदराबाद और इसके आसपास के इलाकों में स्थित भारी उद्योगों में काम करने के लिए युवाओं को जरूरी कौशल विकास प्रशिक्षण दिया जाना था। सरकार ने योजना के तहत इसकी जिम्मेदारी एक कंपनी सीमेन्स (Siemens) को दी थी। योजना के तहत छह क्लस्टर्स बनाए गए, हर क्लस्टर पर 560 करोड़ रुपये खर्च होने थे। यानी कुल 3,300 करोड़ रुपये योजना पर खर्च होने थे। 

तत्कालीन चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने कैबिनेट में बताया कि योजना के तहत राज्य सरकार कुल खर्च का 10 प्रतिशत यानी कि 370 करोड़ रुपये खर्च करेगी। बाकी का 90 प्रतिशत खर्च कौशल विकास प्रशिक्षण देने वाली कंपनी सीमेन्स द्वारा दिया जाएगा। आरोप है कि चंद्रबाबू नायडू की सरकार ने योजना के तहत खर्च किए जाने वाले 371 करोड़ रुपये शेल कंपनियों को ट्रांसफर कर दिए। पूर्व सीएम पर ये भी आरोप है कि शेल कंपनियां बनाकर उन्हें पैसे ट्रांसफर करने से संबंधित दस्तावेज भी नष्ट कर दिए गए। 

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