देश के सबसे बुजुर्ग कहे जाने वाले नर शेर (लॉयन) रामू की वन विहार राष्ट्रीय पार्क में मौत हो गई। वह 28 साल का था। उसकी मृत्यु कई अंगों के काम नहीं करने के कारण हुई। वन विहार के अधिकारियों ने बताया।
रामू की टांग को तीन महीने पहले लकवा मार गया था। उसका इलाज वन विहार में चल रहा था। चार महीने से रामू निगरानी में डॉ. अतुल गुप्ता और आरती सक्सेना व अन्य कर्मचारियों की टीम लगी थी। अतुल गुप्ता ने बताया कि आमतौर पर शेर की औसत आयु 18 साल तक होती है।
मगर रामू 28 साल तक जीवित रहा। रामू जब 18 साल की उम्र का था। उसे छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में राजकमल सर्कस से मुक्त करवाकर वन विहार लाया गया था। वह तब से ही यहां रह रहा था।