स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि छापेमारी के दौरान बिना लाइसेंस वाले परिसर से सन फार्मास्युटिकल, अल्केम, सिप्ला, ग्लेनमार्क, जीएसके, एबॉट, नोवार्टिस, डॉ. रेड्डीज, अरिस्टो जैसे प्रमुख निर्माताओं की नकली दवाएं जब्त की गईं।
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) और पश्चिम बंगाल राज्य दवा नियामक अधिकारियों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोलकाता में एक बिना लाइसेंस वाले गोदाम से प्रतिष्ठित ब्रांडों की लगभग दो करोड़ रुपये मूल्य की नकली दवाएं जब्त की हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मध्य कोलकाता स्थित गोदाम से एक शख्स को भी गिरफ्तार किया गया। इसके बाद उसे कोलकाता के बैंकशाल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 10 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
विज्ञापन
स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि छापेमारी के दौरान बिना लाइसेंस वाले परिसर से सन फार्मास्युटिकल, अल्केम, सिप्ला, ग्लेनमार्क, जीएसके, एबॉट, नोवार्टिस, डॉ. रेड्डीज, अरिस्टो जैसे प्रमुख निर्माताओं की लगभग दो करोड़ रुपये की नकली दवाएं जब्त की गईं। अधिकारी के अनुसार, नकली दवाओं पर ऑगमेंटिन, पैन-डी, पैंटोसिड डीएसआर, यूरीमैक्स-डी, क्लैवम आदि जैसे प्रतिष्ठित ब्रांडों के लेबल थे। अधिकारी ने बताया कि यह छापेमारी आठ जुलाई को सीडीएससीओ पूर्वी क्षेत्र के अधिकारियों की एक टीम ने पश्चिम बंगाल के औषधि नियंत्रण निदेशालय के अधिकारियों की सहायता से की थी। मामले में आगे की जांच जारी है।
164.530 किलोग्राम गांजा जब्त
वहीं, नारकोटिक्स सेल ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले के डोमजूर क्षेत्र में एनएच-16 के पास एक वाहन से लगभग 164.530 किलोग्राम कैनबिस (गांजा) जब्त किया है। मौके से दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है। आरोपी वाहन के अंदर कैनबिस को छिपाकर ले जा रहे थे। पश्चिम बंगाल सीआईडी ने बताया कि इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया है। जांच चल रही है।