केंद्रीय अर्धसैनिक बल, सीआरपीएफ के दो डॉक्टर, मुख्यालय की रडार पर आ गए हैं। ये दोनों डॉक्टर, नई दिल्ली स्थित बल के ग्रुप सेंटर पर विस्तृत चिकित्सा परीक्षा (डीएमई) बोर्ड का हिस्सा थे। कथित भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के चलते दोनों चिकित्सकों को डीएमई ड्यूटी से हटा दिया गया है। सूत्रों का कहना है कि बल के इन चिकित्सकों को लेकर ऐसी शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें दिल्ली पुलिस एवं सीएपीएफ में एसआई के पद पर चयनित उम्मीदवारों की शारीरिक और चिकित्सीय फिटनेस जांच में रिश्वत लेकर तरफदारी करने की बात सामने आई थी।
सूत्रों के अनुसार, दिल्ली पुलिस और केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीएपीएफ' में एसआई भर्ती 2023 के लिए चयनित उम्मीदवारों का मेडिकल किया जा रहा था। मार्च के पहले सप्ताह में दो डॉक्टरों के खिलाफ भ्रष्टाचार की शिकायत मिली थी। इनमें से एक डॉक्टर, सीएमओ के पद पर कार्यरत है, जबकि दूसरा डॉक्टर, मेडिकल अफसर 'एमओ' है। इन दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगा था। शिकायत में जो आरोप लगे हैं, उनमें कहा गया है कि विस्तृत चिकित्सा परीक्षा (डीएमई) बोर्ड के सदस्य होने के नाते दोनों चिकित्सकों ने रिश्वत लेकर उम्मीदवारों को उनकी शारीरिक और चिकित्सीय फिटनेस जांच में फायदा पहुंचाया है।
लिहाजा इस तरह के गंभीर आरोपों के चलते बल मुख्यालय ने दोनों डॉक्टरों को उनकी मौजूदा ड्यूटी से कार्यमुक्त करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही मेडिकल निदेशालय से कहा गया है कि डीएमई बोर्ड का कामकाज प्रभावित न हो, इसके लिए दोनों डॉक्टरों की जगह पर दो नए चिकित्सकों का नाम मुख्यालय को भेजा जाए। इस बात का ध्यान रखा जाए कि डीएमई के लिए आए उम्मीदवारों को किसी तरह की कोई परेशानी न हो। उनके मेडिकल की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी रहे।