कोरोना के खिलाफ जंग में देश को मिल रही कामयाबी के बीच अब करीब 15 फीसदी (14.75 फीसदी) की रफ्तार से मरीज ठीक हो रहे हैं। वहीं, 23 राज्यों के 59 जिलों में बीते 14 दिनों से कोई नया केस नहीं आया है। इस बीच, देश में सोमवार तक संक्रमितों की कुल संख्या 17,656 हो गई, जबकि 559 लोगों ने जान गंवा दी। वहीं, 2,841 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। बीते 24 घंटे में 540 मरीजों ने कोरोना को पूरी तरह मात दी है, जो अब तक की सबसे बड़ी संख्या है।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने बताया कि देश में अब 7.5 दिनों में कोरोना के मामले दोगुने हो रहे हैं। पहले 3.4 दिनों में संक्रमितों के मामले दोगुने हो रहे थे। इसके बावजूद हमें सतर्क रहने की आवश्यकता है।
अग्रवाल ने बताया कि गोवा सहित कुछ राज्यों से राहत की खबरें आ रही हैं। कई जिलों में अब तक नए केस सामने नहीं आए हैं।
19 अप्रैल के बाद से 18 राज्यों में संक्रमण दोगुना होने की दर बढ़ी है। उन्होंने कहा कि सरकार के साथ-साथ हर नागरिक इस वक्त लड़ाई लड़ रहा है। जो जिले ग्रीन जोन में जा चुके हैं, वहां यथास्थिति बरकरार रखने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार एक बार फिर देश से विनती कर रही है कि सामाजिक दूरी को दैनिक व्यवहार में शामिल करें। ऐसा करने से ही आप और आपका परिवार सुरक्षित रह सकता है।
32 राज्यों के 408 जिलों में संक्रमण, 36 फीसदी कोरोना मरीज सिर्फ 17 जिलों में
- संक्रमण की चपेट में 32 राज्यों के 408 जिले आ चुके हैं। वहीं, देश के 36 फीसदी मरीज सिर्फ 17 जिलों में हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार, इन जिलों में 6,205 से भी ज्यादा मरीज मिले हैं।
- कोलकाता में 105, आगरा 167, हैदराबाद 345, कोयंबटूर 127, चैन्ने 223, जयपुर 485, जोधपुर 105, ठाणे 288, पुणे 470, मुंबई 2,070, इंदौर 707, भोपाल 196, कासरगोड 162, वड़ोदरा 116, अहमदाबाद 405, कुरनूल 113 और गुंटूर में सर्वाधिक 121 मरीज मिले हैं।
- रिपोर्ट में एक सप्ताह पहले तक की स्थिति बताई गई है। इसमें 13,835 मरीजों की जानकारी शामिल है।
4 राज्यों के 11 शहरों में हालात बेहद गंभीर
मध्य प्रदेश के इंदौर, महाराष्ट्र के पुणे और मुंबई, राजस्थान के जयपुर और पश्चिम बंगाल के कोलकाता, हावड़ा, पूर्वी मेदिनीपुर, उत्तरी 24 परगना, दार्जिलिंग, कलिम्पोंग और जलपाईगुड़ी में हालात बेहद गंभीर हैं।
चिंता की बात: 80 फीसदी मामलों में नहीं दिख रहे लक्षण
देश में करीब 80 फीसदी मरीज ऐसे हैं जिनमें वायरस के लक्षण दिखाई नहीं दे रहे हैं। जरूरी नहीं कि अगर किसी को संक्रमण आज हुआ है तो उसका लक्षण अगले सात दिन में मिले ही।