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कोरोना ही नहीं, पिछली चार सदियों में इन महामारियों से गई लाखों लोगों की जान

Sat, 14 Mar 2020 03:21 PM IST
Priyesh Mishra न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कोरोनावायरस - फोटो : PTI
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दुनियाभर के 100 से ज्यादा देशों में पांच हजार से ज्यादा लोगों की जान ले चुके कोरोना वायरस का कहर अब भी जारी है। भारत में भी अब तक कोरोना से संक्रमित दो मरीजों की मौत हो चुकी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस बीमारी को महामारी घोषित किया हुआ है।

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पिछले चार सौ साल में दुनिया के कई हिस्सों में ऐसी महामारियां फैलीं जिसने लाखों की संख्या में लोगों को मार दिया। COVID-19 से मरने वाले कई लोग एक प्रकार के निमोनिया का शिकार हुए हैं जो वायरस से लड़ने में कमजोर हो चुके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर हावी हो जाता है। 

जानिए पिछले चार सदियों में फैली महामारियों के बारे में:
प्लेग: साल 1720 महामारी बनकर फैले प्लेग के कारण दो साल में एक लाख से अधिक लोगों की मौत हुई। इस कारण इसे ग्रेट प्लेग ऑफ मार्सिले कहा जाता है।
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कॉलरा: इस बीमारी ने साल 1820 में महामारी बनकर भारत सहित जापान, थाईलैंड, वियतनाम, ओमान, चीन, मारीशस और सीरिया में भयानक तबाही मचाई। इस बीमारी की वजह से भी दुनियभर में लाखों लोगों की जान गई। हालांकि इससे मौत का कोई आधिकारिक आंकड़ी जारी नहीं हो सका।

स्पेनिश फ्लू: प्रथम विश्वयुद्ध के बाद 1920 में यह महामारी पश्चिमी मोर्चे पर स्थित छोटे और भीड़ वाले सैन्य प्रशिक्षण शिविरों में शुरु हुई। इन शिविरों और खासतौर पर फ्रांस की सीमा के करीब की खंदकों में गंदगी की वजह से ये बीमारी पनपी और तेजी से फैली। माना जाता है कि स्पेनिश फ्लू से पांच से दस करोड़ के बीच लोग मारे गए थे। 
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स्वाइन फ्लू: साल 2009 में महामारी बनकर फैले इस बीमारी की वजह से  दुनियाभर में करीब 6 लाख लोगों की मौत हुई थी। इस बीमारी पर आज तक भी पूरी तरह से नियंत्रण नहीं किया जा सका है।

इबोला: 2014 में इबोला के कारण अफ्रीकी देशों में भी 10 हजार से ज्यादा लोगों की जान गई थी। हालांकि इस बीमारी को महमारी घोषित नहीं किया गया था।

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