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भारत में वैक्सीन कितनी सुरक्षित, किसे और कब मिलेगी... जानिए ऐसे हर सवाल का जवाब

Mon, 04 Jan 2021 09:28 PM IST
गौरव पाण्डेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स
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भारत सरकार ने रविवार को कोरोना वायरस की दो वैक्सीनों (कोविशील्ड और कोवैक्सीन) को आपात उपयोग की अनुमति दे दी थी। हालांकि, इस अच्छी खबर के बावजूद विपक्ष समेत कई लोगों ने इसे लेकर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। वहीं, वैक्सीनेशन कार्यक्रम को लेकर आम आदमी के मन में भी कई सवाल उठ रहे हैं। यहां हम आपके लिए इस वैक्सीन से संबंधित हर सवाल के जवाब...

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1. कोरोना वैक्सीन कब तक उपलब्ध होगी?
उत्तर:
सरकार के पास वैक्सीन पहुंचने की उम्मीद जनवरी में है और बाजार में यह मार्च तक पहुंच सकती है।

2. क्या हम सबको यह वैक्सीन लगवाने की जरूरत है?
उत्तर: 
कोरोना का टीकाकरण स्वैच्छिक है। हालांकि, खुद की सुरक्षा और बीमारी के प्रसार को सीमित करने के लिए वैक्सीन की पूरी खुराक जरूरी है।

3. क्या यह वैक्सीन सुरक्षित होगी क्यों कि इसे बहुत क समय में बनाया गया है?
उत्तर: 
सुरक्षा और प्रभाव के डाटा की जांच के आधार पर मंजूरी मिलने के बाद ही नियामक निकायों की ओर से वैक्सीन की खुराक दी जाएगी।

4. क्या कोरोना से ठीक हो चुके लोगों को भी वैक्सीन लेना जरूरी है?
उत्तर: 
पहले से संक्रमित होने के बाद भी वैक्सीन की पूरी खुराक लेना जरूरी है। ऐसा इसलिए क्योंकि वैक्सीन व्यक्ति के शरीर में एक मजबूत प्रतिक्रिया तंत्र को विकसित करने में मदद करेगी।
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5. क्या संक्रमित व्यक्ति को भी वैक्सीन लगाई जा सकती है?
उत्तर: 
संक्रमित व्यक्तियों को लक्षण खत्म होने के 14 दिन बाद तक वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए। ऐसा इसलिए क्योंकि वैक्सीनेशन स्थल पर जाकर वह अन्य व्यक्तियों में संक्रमण फैलाने का जोखिम बढ़ा सकते हैं। 

6. क्या वैक्सीन सुरक्षित है क्योंकि यह बहुत कम समय में बनी है?
उत्तर: 
लाइसेंस देने से पहले औषधि नियामक की ओर से वैक्सीन उम्मीदवारों के नैदानिक परीक्षणों से सुरक्षा और प्रभावकारिता डाटा की जांच की जाती है। इसलिए सभी लाइसेंस प्राप्त कोरोना वैक्सीन सुरक्षित और प्रभावकारी होंगी। 

7. पहले किसे मिलेगी वैक्सीन की खुराक?
उत्तर: 
फ्रंटलाइन कार्यकर्ता और पैरामेडिकल स्टाफ, सिविल सेवक, पुलिस, सेना, राजनेता और उनके रिश्तेदारों को पहले वैक्सीन मिल जाएगी। 50 वर्ष से अधिक आयु के लोग और मधुमेह, ट्रांस्प्लांट और कीमोथेरेपी जैसे सह-रुग्णता वाले लोग इसे अगली बार प्राप्त करेंगे। इसके बाद स्वस्थ वयस्क, किशोर, बच्चों को वैक्सीन लगेगी। सबसे अंत में नवजात शिशुओं को वैक्सीन की खुराक दी जाएगी।

8. वैक्सीन की खुराक किस तरह दी जाएगी?
उत्तर: 
वैक्सीन सार्वजनिक और निजी केंद्रों, चिकित्सकों, दंत चिकित्सकों, नर्सों और प्रशिक्षित पैरामेडिक्स के माध्यम से दी जाएगी।

9. क्या भारत में वैक्सीन स्टोर करने और उसके परिवहन की क्षमता है?
उत्तर: 
भारत दुनिया से सबसे बड़े प्रतिरक्षीकरण कार्यक्रमों में से एक का संचालन करता है। इसमें 2.6 करोड़ से अधिक नवजात शिशुओं और एक करोड़ से अधिक महिलाओं के टीकाकरण की जरूरत पूरी की जाती है। देश की बड़ी आबादी को प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए तंत्र को मजबूत किया जा रहा है। 

10. क्या भारत में इस्तेमाल की जाने वाली वैक्सीन अन्य देशों जितनी ही प्रभावी होगी?
उत्तर: 
हां, भारत में शुरू की गई कोरोना वायरस वैक्सीन उतनी ही प्रभावी होगी जितनी अन्य देशों द्वारा विकसित की गई वैक्सीन हैं। वैक्सीन के परीक्षणों के विभिन्न चरणों में इसकी सुरक्षा और प्रभावकारिता सुनिश्चित की जाती है।

11. मुझे कैसे पता चलेगा कि मैं वैक्सीनेशन के योग्य हूं?
उत्तर: 
वैक्सीनेशन के लिए पात्र लाभार्थियों को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से इसकी जानकारी दी जाएगी। उन्हें मोबाइल के जरिए वैक्सीनेशन और उसके निर्धारित समय के बारे में स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से सूचित किया जाएगा।

12. पंजीकरण के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी हैं?
उत्तर: 
वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण के लिए कुछ दस्तावेज निर्धारित किए गए हैं। इनमें आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, जॉब कार्ड या पेंशन दस्तावेज शामिल हैं। इसके साथ स्वास्थ्य मंत्राल की योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, मनरेगा कार्ड, सांसदों, विधायकों और एमएलसी को जारी आधिकारिक प्रमाण पत्र का भी उपयोग किया जा सकता है। बैंक या पोस्ट ऑफिस की ओर से जारी पासबुक और केंद्र, राज्य सरकार या पब्लिक लिमिटेड कंपनियों की ओर से जारी सेवा आईडी कार्ड का प्रयोग भी कर सकते हैं।

13. क्या बिना पंजीकरण के वैक्सीन मिल सकती है?
उत्तर: 
नहीं, कोरोना वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण के बाद ही सत्र स्थल और समय की जानकारी साझा की जाएगी।

14. क्या फोटो आईडी अनिवार्य है?
उत्तर: 
वैक्सीनेशन के लिए पंजीकरण और सत्यापन दोनों के लिए ही फोटो पहचान पत्र जरूरी है। ऐसा इसलिए किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सही व्यक्ति को ही वैक्सीन लगाई गई है।

15. वैक्सीनेशन होने के बाद क्या लाभार्थियों को उनकी स्थिति की जानकारी मिलेगी?
उत्तर: 
कोरोना वैक्सीन की उचित खुराक मिलने पर लभार्थी को अपने मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस मिलेगा। वैक्सीन की सभी खुराकें देने के बाद एक क्यूआर कोड आधारित प्रमाण पत्र भी उनके मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा।

16. वैक्सीनेशन स्थल पर किन नियमों का पालन करना होगा?
उत्तर: 
वैक्सीन लेने के बाद आपको कम से कम आधे घंटे तक वैक्सीनेशन केंद्र में आराम करना चाहिए। अगर बाद में कोई असुविधा या बेचैनी महसूस होती है तो नजदीकी स्वास्थ्य अधिकारी, एएनएम या आशा को सूचना दें। मास्क पहनना, हाथ की सफाई और शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन अनिवार्य रहेगा। 

17. वैक्सीन के दुष्प्रभावों के बारे में क्या किया जा रहा है?
उत्तर: 
वैक्सीन का उपयोग इसकी सुरक्षा सिद्ध होने के बाद ही किया जाएगा। खुराक देने के बाद कुछ लोगों में हल्का बुखार और दर्द जैसी समस्या हो सकती है, लेकिन यह अन्य वैक्सीन के साथ भी होता है। वैक्सीन से संबंधित किसी भी दुष्प्रभाव से निपटने के लिए राज्यों से व्यवस्था करने के लिए कहा गया है। 

18. अगर कोई मधुमेह या कैंसर जैसी बीमारियों की दवा ले रहा है तो?
उत्तर: 
कैंसर, मधुमेह और उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियों के संदर्भ में इनमें से एक या अधिक बीमारिओं वाले व्यक्ति को उच्च जोखिम वाली श्रेणी में रखा जाता है। ऐसे लोगों को वैक्सीनेशन कराने की जरूरत है।
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19. क्या हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स और फ्रंटलाइन श्रमिकों के परिवार को भी वैक्सीन मिलेगी?
उत्तर: 
प्रारंभिक चरण में वैक्सीन की सीमित आपूर्ति के कारण यह पहले प्राथमिकता वाले समूहों में लोगों को प्रदान की जाएगी। बाद के चरणों में वैक्सीन सभी को उपलब्ध कराई जाएगी।

20. वैक्सीन की खुराक किस अंतराल पर लेनी होगी?
उत्तर: 
वैक्सीनेशन पूरा करने के लिए 28 दिन के अंदर एक व्यक्ति को वैक्सीन की दो खुराकें लेनी होंगी।

21. वैक्सीन लेने के बाद एंटीबॉडी कब विकसित होंगी?
उत्तर: 
आम तौर पर वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के दो सप्ताह बाद एंटीबॉडी का सुरक्षात्मक स्तर विकसित होता है। 

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