तेलंगाना सरकार द्वारा तैयार की गई एक अंतरिम रिपोर्ट में राज्य में चिकित्साकर्मियों को कोविड-19 संक्रमण से बचाने में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन या एचसीक्यू के रोगनिरोधी उपयोग की प्रभावकारिता पर आशाजनक परिणाम मिले हैं। तेलंगाना सरकार के अध्ययन में पाया गया कि जिन 70 फीसदी से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों ने मलेरिया के लिए प्रयोग की जाने वाली दवा को ट्रायल के आधार पर कोविड-19 से बचने के लिए उपयोग किया था, उनमें सार्स-सीओवी-2 (कोविड-19) वायरल संक्रमण के कोई लक्षण नहीं दिखाए दिए।
कोरोना मरीजों के संपर्क में आने वाले जिन 394 (73.9 फीसदी) स्वास्थ कर्मियों ने एचसीक्यू का सेवन किया था, उनमें कोरोना वायरस को लेकर रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत दिखाई दी। इसके अलावा, इन 394 फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों में से एचसीक्यू दवा को लेने वाले 71 फीसदी स्वास्थ्य कर्मी कोविड-19 जांच में नेगेटिव पाए गए।
इस अध्ययन के दो उद्देश्य थे, जिनमें पहला चुने गए इस नमूने सेट पर एचसीक्यू की प्रभावकारिता को जांचना और दूसरा फ्रंटलाइन स्वास्थ्यकर्मियों को वायरस के संक्रमण से बचाने में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की क्षमता को जांचना।
स्वास्थ्य कर्मियों पर रोगनिरोधक के रूप में हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के अध्ययन की प्रभावकारिता के लिए 694 स्वास्थ्य कर्मियों में से 533 को दवा दी गई। इसके बाद प्रारंभिक खुराक के बाद एचसीक्यू के लगातार उपयोग को लेकर सात सप्ताह तक इन पर अध्ययन किया गया।
हालांकि, इस अध्ययन के दौरान कुछ डॉक्टर और नर्स इसके दुष्प्रभाव के चलते दवा की खुराक को लेना भूल गए। वहीं, कुछ ऐसे भी स्वास्थ्य कर्मी थे जो समय पर दवा लेने से वंचित रह गए। एचसीक्यू की खुराक के लिए चुने गए 533 स्वास्थ्य कर्मियों में से 93 लोगों ने असंगता के बारे में बताया।
रिपोर्ट में कहा गया कि एचसीक्यू का सेवन करने वाले 533 स्वास्थ्यकर्मियों में से 394 (73.9 फीसदी) का कोरोना संक्रमितों के साथ संपर्क हुआ। इन सभी को सलाह दी गई थी कि जब भी ये कोरोना मरीज के संपर्क में जाए, पीपीई किट को जरूर पहनें। इनमें से किसी में भी कोविड-19 के लक्षण नहीं दिखाई दिए, फिर वो चाहे, बुखार, गले में खराश या खांसी आना ही क्यों न हो।
हाल ही में, भारत सरकार ने एचसीक्यू की लाखों गोलियों को 87 देशों को निर्यात किया है। हालांकि, इसकी पूर्व रूप से प्रभावकारिता को लेकर कोई नतीजे सामने नहीं आए हैं। दुनियाभर के नेताओं के साथ-साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा एचसीक्यू के निर्यात के लिए प्रतिबंधों को हटाने पर पीएम मोदी की शुक्रिया कहा था।