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कोरोना : हवा में फैल चुका है वायरस, सरकार ने कहा- घर में भी पहनें मास्क

Mon, 26 Apr 2021 05:09 PM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • कोरोना के बढ़ते मामले के बीच स्वास्थ्य मंत्रालय ने राहत की खबर देते हुए कहा है कि देश में 82 फीसदी मरीज कोरोना से उबर चुके हैं
  • स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि भारत में अब तक कोविड-19 टीके की 14.19 करोड़ खुराक दी गई हैं
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डॉ वीके पॉल - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच केंद्र सरकार ने एक ओर जहां जनता से कोविड-19 महामारी से नहीं घबराने की अपील करते हुए कहा है कि वह चिकित्सीय ऑक्सीजन की आपूर्ति संबंधी दिक्कतों को दूर करने का प्रयास कर रही है। वहीं दूसरी ओर सरकार ने यह भी कहा है कि अब ऐसा समय आ गया है कि लोगों को घर के भीतर भी मास्क पहनकर रहना चाहिए और मेहमानों को अपने घरों में आमंत्रित नहीं करना चाहिए। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने सोमवार को हुई प्रेसवार्ता में कहा कि यह समय किसी को भी घर पर आमंत्रण देने का नहीं है बल्कि घर पर रहने और घर पर भी मास्क लगाकर रहने का है। 

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बता दें कि सरकार ने एक ही दिन में सर्वाधिक 3,52,991 नए मामले सामने आने और 2,812 मरीजों की मौत के बीच सशस्त्र बलों के सेवानिवृत्त चिकित्सा कर्मियों को कोविड-19 अस्पतालों में तैनात करने की भी घोषणा की है। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने प्रेसवार्ता करते हुए कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस समय देश में 82 फीसदी लोग कोरोना से उबर चुके हैं और करीब 16.25 फीसदी मामले मामले यानी कि 28,13,658 मामले अभी भी सक्रिय मामलों की श्रेणी में है, जिसकी निगरानी की जा रही है। 

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी देते हुए बताया कि महाराष्ट्र, यूपी, कर्नाटक, केरल, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात और तमिलनाडु में फिलहाल एक लाख से अधिक सक्रिय मामले बने हुए हैं लेकिन यहां भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल रहा है। नीति आयोग के सदस्य डॉ. वीके पॉल ने कहा है कि महामारी के चलते हुए भी हमें वैक्सीनेशन और तेज गति से आगे लेकर जाना होगा। हम वैक्सीनेशन की गति को धीमा होने नहीं दे सकते हैं।
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दहशत में लोग पहुंच रहे अस्पतालः गुलेरिया
दिल्ली एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने कहा कि जो भी कोविड-19 पॉजिटिव आता है उसमें ये दहशत हो जाती है कि कहीं मुझे बाद में ऑक्सीजन और अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत न पड़े इसलिए मैं अभी भर्ती हो जाता हूं। इससे अस्पतालों के बाहर बहुत भीड़ हो जाती है और वास्तविक मरीजों को इलाज नहीं मिल पाता है।

इस घबराहट के कारण लोग घर पर दवाइयां स्टोर करने लगते हैं और इससे बाजार में जरूरी दवाओं की बेवजह कमी हो रही है। कई लोग सोचते हैं कि कोरोना है तो मैं पहले दिन ही सारी दवाई शुरू कर लेता हूं, इससे साइड इफैक्ट ज्यादा होते हैं। अगर सब लोग होम आइसोलेशन नहीं करेंगे और दहशत के कारण अस्पताल में भर्ती होना चाहेंगे तो दुनिया का कोई इंफ्रास्ट्रक्चर ऐसा नहीं है जो इन सब लोगों को मैनेज कर पाएगा।

मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ाया : गृह मंत्रालय 
गृह मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव ने कहा कि मेडिकल ऑक्सीजन का उत्पादन ज्यादा बढ़ा है। हमारी ऑक्सीजन उत्पादन क्षमता 7259 टन है और 24 अप्रैल को 9103 टन ऑक्सीजन का उत्पादन हुआ है।

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