कोरोना वायरस को खत्म करने की लड़ाई में अब सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बलों ने भी कमर कस ली है। अगर देश में कोरोना वायरस का संक्रमण थर्ड स्टेज की ओर बढ़ता है, तो ज्यादा से ज्यादा क्वारंटीन सेंटर्स की आवश्यकता पड़ेगी। इसके लिए अब सेना और केंद्रीय अर्धसैनिक बल अपने परिसरों में क्वारंटीन सेंटर तैयार कर रहे हैं।
करीब दो दर्जन सेंटर तो रातोंरात बना दिए गए हैं। जवानों की बैरक, क्वार्टर और पोटा केबिन में ये सेंटर बनाए जा रहे हैं। मौजूदा समय में करीब 40 सेंटर्स का लक्ष्य रखा गया है। एक सेंटर में लगभग दो सौ से ज्यादा लोगों को ठहराया जा सकता है। केंद्रीय अर्धसैनिक बल 25 और बाकी के सेंटर आर्मी तैयार कर रही है।
बता दें कि देश में अभी तक सबसे बड़ा क्वारंटीन सेंटर आईटीबीपी ने छावला में तैयार किया है। यहां पर एक समय में एक हजार लोगों को क्वारंटीन सुविधा दी जा सकती है। इसके साथ ही सेना ने भी मानेसर में ऐसा ही क्वारंटीन सेंटर तैयार किया था, लेकिन उसकी क्षमता आईटीबीपी के मुकाबले कम है।
केंद्र सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, अभी कोरोना संक्रमण पर नजर रखी जा रही है। सरकार का प्रयास है कि यह थर्ड स्टेज में न जाने पाए। अगर ये थर्ड स्टेज में प्रवेश करता है तो इससे निपटना काफी चुनौतीपूर्ण रहेगा।
आईसीएमआर ने बुधवार 25 मार्च की सुबह कोरोनावायरस से संबंधित जो रिपोर्ट जारी की है, उसमें 22 हजार से अधिक लोगों के सेंपल लिए गए हैं। इनमें से 539 केस पॉजिटिव मिले हैं। सरकार का पूरा जोर इस बात पर लगा है कि किसी भी तरह से यह महामारी थर्ड स्टेज पर न पहुंचे।
लेकिन अगर ऐसा होता है तो सैंकड़ों क्वारंटीन सेंटर्स की जरूरत पड़ेगी। सीआरपीएफ और आईटीबीपी ने इसके लिए प्रयास शुरु कर दिया है।
आईटीबीपी अपने छावला स्थित क्वारंटीन सेंटर की क्षमता को बढ़ाकर एक हजार कर ही चुका है। अभी तक यहां विदेश से आए एक हजार से अधिक लोग क्वारंटीन के लिए आ चुके हैं। दूसरी जगहों पर भी ऐसे सेंटर स्थापित करने की कार्ययोजना पर काम चल रहा है।
सीआरपीएफ ने भी अपनी विभिन्न यूनिटों में ऐसे दो दर्जन सेंटर स्थापित किए हैं। जहां पर ये सेंटर स्थापित किए गए हैं, उनमें राजस्थान, बिहार, झारखंड, जम्मू कश्मीर, गुजरात, मध्यप्रदेश, असम, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और मणिपुर सहित कई दूसरे प्रदेश शामिल हैं।
सभी जगहों को रातोंरात सैनिटाइज कर वहां पर क्वारंटीन सेंटर तैयार किए गए हैं। इसके लिए डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को ट्रेनिंग दे दी गई है। इनमें कई सेंटर ऐसे भी हैं, जिनकी क्षमता सौ के करीब है।
दूसरी ओर सेना ने भी दस से अधिक क्वारंटीन सेंटर तैयार कर दिए हैं। मौजूदा समय में सेना के मानेसर और हिंडन में दो सेंटर विदेश से आए लोगों को क्वारंटीन सुविधा मुहैया करा रहे हैं। इनके अलावा सूरतगढ़, कोलकाता, चेन्नई, जोधपुर, जैसलमेर, झांसी और कई दूसरे शहरों में भी क्वारंटीन सेंटर स्थापित किए जा रहे हैं।