कोरोना के मामलों को बढ़ते देख उद्धव सरकार ने सुझाव दिया है कि मास्क नहीं लगाने वालों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाए। हालांकि, इस पर अभी बीएमसी को फैसला करना है। बता दें कि मुंबई में अभी तक मास्क नहीं लगाने वालों से 200 रुपये जुर्माना वसूला जा रहा है।
नई गाइडलाइन के तहत दिए गए ये निर्देश
- निजी अस्पतालों के 80 फीसदी और सभी आईसीयू बेड कोरोना मरीजों के लिए के लिए आरक्षित किए गए हैं।
- बीएमसी ने सरकारी और निजी अस्पतालों को कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई समेत अन्य सुविधाओं को दुरुस्त रखने को कहा है।
- पीपीई किट, मास्क और वीटीएम किट भरभूर सख्या में रखने का निर्देश दिया।
- महाराष्ट्र सरकार ने ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल उपयोग पर 30 जून तक कटौती करने के आदेश दिए हैं। 80 फीसदी ऑक्सीजन मेडिकल यूज और 20 फीसदी इंडस्ट्रियल यूज के लिए सप्लाई की जाएगी।
- सभी निजी अस्पतालों के प्रबंधकों को 24 घंटे के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। इस नोडल अधिकारी का नंबर स्थानीय वार्ड वॉर रूम को देने के लिए कहा है ताकि बीएमसी को समय-समय पर जानकारी मिल सके।
मुंबई में खाली बेड की कमी आई
मुंबई में एक बार फिर दैनिक मामलों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 4 लाख के पार पहुंच गई है। बीएमसी के मुताबिक, मुंबई के अस्पतालों में अब सिर्फ 23 प्रतिशत बेड खाली बचे हैं।
महानगरपालिका ने पिछले हफ्ते 21 हजार बेड्स की क्षमता बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ 12 हजार 742 बेड्स ही उपलब्ध हो सके हैं। 1,000 बेड की क्षमता वाले सेवन हिल्स अस्पताल में जगह नहीं बची है। बांद्रा- कुर्ला कॉम्प्लेक्स के कोरोना सेंटर में 1,000 बेड हैं, इनमें से 940 बेड में संक्रमितों का इलाज जारी है। 100 बेड वाले आईसीयू में सिर्फ नौ बेड उपलब्ध हैं मुलुंड के 1,200 क्षमता वाले कोरोना सेंटर में 1,056 बेड पर कोरोना संक्रमित रोगियों का इलाज चल रहा है। यहां आईसीयू में सिर्फ 20 बेड हैं, जो पूरी तरह से भरे हुए हैं। यहां जिन मरीजों की हालत बिगड़ रही है, उन्हें दूसरे अस्पताल के आईसीयू में भेजा जा रहा है।