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कोरोना का कहर: मुंबई में निजी अस्पतालों के 80 फीसदी बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व, ऐसे भर्ती होंगे मरीज

Tue, 30 Mar 2021 09:07 PM IST
दीप्ति मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • बीएमसी ने प्रत्येक वार्ड में पांच टीम तैनात करने का निर्णय लिया
  • अस्पतालों से संपर्क के लिए नोडल ऑफिसर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : रवि बत्रा
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विस्तार
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देश में कोरोना संक्रमण एक बार फिर से बेकाबू हो गया है। महाराष्ट्र में कोरोना वायरस ने रफ्तार पकड़ रखी है। मुंबई में कोरोना वायरस के चलते हालात भयावह हैं। मुंबई में कोरोना की वजह से बिगड़ते हालात के बीच बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (बीएमसी) ने निजी अस्पतालों के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके तहत निजी अस्पतालों को 80 फीसदी बेड और 100 फीसदी आईसीयू बेड कोरोना मरीजों के लिए आरक्षित रखने होंगे। साथ ही अस्पतालों को मरीज सीधे भर्ती करने से रोक दिया गया है। बीएमसी ने अस्पतालों को कोरोना मरीजों की सीधे भर्ती पर रोक लगा दी है। कोरोना संक्रमित मरीजों को वार्ड वॉर रूम से बेड अलॉट किए जाएंगे। 

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महाराष्ट्र में कोरोना मरीजों के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए कई तरह की पाबंदियां लगाई गईं हैं। नई गाइडलाइंस के मुताबिक, निजी अस्पताल कोरोना मरीजों को सीधे भर्ती नहीं कर पाएंगे। वार्ड वॉर रूम की अनुमति के बाद ही मरीजों को भर्ती कर पाएंगे। सभी निजी अस्पतालों को निर्देश दिया है कि अगर उन्होंने बिना लक्षण वाले कोरोना मरीजों को भर्ती किया है, तो तुरंत डिस्चार्ज करें ताकि कोविड के गंभीर मरीजों को बेड मिल सकें।

वार्ड ऑफिसर मरीजों को कराएंगे भर्ती 
नई गाइडलाइन के मुताबिक, मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराने और उनके लिए बेड की उपलब्धता तय करने की जिम्मेदारी वार्ड ऑफिसर्स को सौंपी गई है। विशेष परिस्थितियों में डिजास्टर मैनेजमेंट डायरेक्टर और चीफ कोआर्डिनेटर प्राइवेट हॉस्पिटल के निर्देश पर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। बीएमसी ने प्रत्येक वार्ड में पांच टीम तैनात करने का निर्णय लिया है। सभी अस्पतालों से संपर्क करने के लिए बीएमसी नोडल ऑफिसर 24 घंटे उपलब्ध रहेंगे। इस निगरानी के लिए शिक्षक या अन्य कर्मचारियों को लगाने का भी निर्देश है।

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सरकार का सुझाव, मास्क पर जुर्माना बढ़ाया जाए

कोरोना के मामलों को बढ़ते देख उद्धव सरकार ने सुझाव दिया है कि मास्क नहीं लगाने वालों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाए। हालांकि, इस पर अभी बीएमसी को फैसला करना है। बता दें कि मुंबई में अभी तक मास्क नहीं लगाने वालों से 200 रुपये जुर्माना वसूला जा रहा है।

नई गाइडलाइन के तहत दिए गए ये निर्देश
  • निजी अस्पतालों के 80 फीसदी और सभी आईसीयू बेड कोरोना मरीजों के लिए के लिए आरक्षित किए गए हैं।
  • बीएमसी ने सरकारी और निजी अस्पतालों को कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। सभी अस्पतालों को ऑक्सीजन सप्लाई समेत अन्य सुविधाओं को दुरुस्त रखने को कहा है।
  • पीपीई किट, मास्क और वीटीएम किट भरभूर सख्या में रखने का निर्देश दिया।
  • महाराष्ट्र सरकार ने ऑक्सीजन के इंडस्ट्रियल उपयोग पर 30 जून तक कटौती करने के आदेश दिए हैं। 80 फीसदी ऑक्सीजन मेडिकल यूज और 20 फीसदी इंडस्ट्रियल यूज के लिए सप्लाई की जाएगी।
  • सभी निजी अस्पतालों के प्रबंधकों को 24 घंटे के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया है। इस नोडल अधिकारी का नंबर स्थानीय वार्ड वॉर रूम को देने के लिए कहा है ताकि बीएमसी को समय-समय पर जानकारी मिल सके।
मुंबई में खाली बेड की कमी आई 
मुंबई में एक बार फिर दैनिक मामलों में लगातार बढ़ोतरी जारी है। यहां कुल संक्रमितों की संख्या 4 लाख के पार पहुंच गई है। बीएमसी के मुताबिक, मुंबई के अस्पतालों में अब सिर्फ 23 प्रतिशत बेड खाली बचे हैं।
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मुंबई में आईसीयू और बेड फुल होने की कगार पर

महानगरपालिका ने पिछले हफ्ते 21 हजार बेड्स की क्षमता बढ़ाने का आश्वासन दिया था, लेकिन इनमें से अब तक सिर्फ 12 हजार 742 बेड्स ही उपलब्ध हो सके हैं। 1,000 बेड की क्षमता वाले सेवन हिल्स अस्पताल में जगह नहीं बची है। बांद्रा- कुर्ला कॉम्प्लेक्स के कोरोना सेंटर में 1,000 बेड हैं, इनमें से 940 बेड में संक्रमितों का इलाज जारी है। 100 बेड वाले आईसीयू में सिर्फ नौ बेड उपलब्ध हैं मुलुंड के 1,200 क्षमता वाले कोरोना सेंटर में 1,056 बेड पर कोरोना संक्रमित रोगियों का इलाज चल रहा है। यहां आईसीयू में सिर्फ 20 बेड हैं, जो पूरी तरह से भरे हुए हैं। यहां जिन मरीजों की हालत बिगड़ रही है, उन्हें दूसरे अस्पताल के आईसीयू में भेजा जा रहा है।
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