देश में बेकाबू हुई कोरोना वायरस की दूसरी लहर लगातार अपना कहर बरपा रही है। देश में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप इस कदर जारी है कि एक दिन में 2.34 लाख से ज्यादा नए मरीज मिल रहे हैं और 1341 से ज्यादा की जान चली गई है। एक ओर जहां अस्पतालों में कोरोना मरीजों के लिए बेड नहीं हैं, तो दूसरी तरफ श्मशान घाटों में जगह कम पड़ने लगी है। कोरोना प्रोटोकॉल से हो रहे अंतिम संस्कार सरकारी आंकड़ों की हकीकत खुद-ब-खुद बयां कर रहे हैं, राज्य सरकारों के झूठ को बेनकाब कर रहे हैं।
गुरुवार को देश के आठ राज्यों के केवल 10 शहरों में कोरोना से 854 लोगों की मौत हो गई, जबकि इन शहरों में सरकारी आंकड़ों में सिर्फ 211 मौतें ही दर्ज हुईं। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में गुरुवार को 1182 मौतें हुईं, जबकि सिर्फ 10 शहरों का यह आंकड़ा सरकारी दावों की पोल खोल रहा है। देश में एक दिन में सबसे ज्यादा मुंबई में 201 शवों का अंतिम संस्कार हुआ।
जानकारी के मुताबिक, गुरुवार को भोपाल में 112, लखनऊ में 105 और सूरत में 115 शवों का दाह संस्कार हुआ। जबकि सरकारी आंकड़ों में क्रमश: 4, 26 और 26 मौतें ही दिखाई गईं। अब सवाल यह है कि अगर सरकारी आंकड़े सही हैं, तो श्मशानों में जल रहे शव किसके हैं? गाजियाबाद, भोपाल और लखनऊ के श्मशान घाटों की तस्वीरें स्थिति की भयावह को दिखा रहीं हैं।