बता दें कि इससे पहले कोरोना से मरने वालों की संख्या में भी 200 फीसदी की वृद्धि दर्ज की जा चुकी है। वायरस के फैलाव में आई इस तेजी को लेकर विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। उनका कहना है कि इस बार महामारी पर नियंत्रण पाना और भी ज्यादा मुश्किल हो सकता है।
जानकारी के अनुसार, पिछले साल मार्च में औसतन 187 मामले रोज सामने आ रहे थे। अप्रैल में 1,801, मई में 8,336, जून में 18,641 और जुलाई में 52,783 मामले औसतन मिल रहे थे। अगस्त में हर दिन मिलने वाले मामले 78,512 और सितंबर में 86,821 तक पहुंच गए थे, लेकिन अक्तूबर से लगातार गिरावट देखने को मिल रही थी। इसी साल 26 फरवरी को एक दिन में 16,488 मामले मिले थे जिसके चलते सक्रिय मरीजों की संख्या 1.59 लाख से भी अधिक हो गई।
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