रविवार की शाम सोशल मीडिया पर यह डंका बज चुका था कि भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील पर 'जनता कर्फ्यू' सफल हो गया। यह सफल ही नहीं हुआ, बल्कि लोग सहजता के साथ इसे आगे बढ़ाने के लिए भी तैयार हो गए। यानी लॉक डाउन का लोग बुरा नहीं मान रहे थे। पीएम मोदी की मां हीराबेन मोदी, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों व दूसरी अनेक हस्तियों ने शाम पांच बजे थाली या ताली बजाई।
सेना, अर्धसैनिक बल और पुलिस भी इसमें शामिल हुई। खास बात है कि विपक्षी नेता राहुल गांधी, अहमद पटेल, प्रियंका गांधी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, अखिलेश यादव, मायावती और अन्य कई प्रमुख नेता न तो थाली बजाते दिखे और न ही ताली। हालांकि इनमें से कई नेता उस दौरान ट्विटर पर सक्रिय रहे।
जनता कर्फ्यू के दौरान सोशल मीडिया पर तरह तरह के मैसेज चल रहे थे। कोई इसे मोदी की सबसे बड़ी सफलता मान रहा था तो कोई 'जनता कर्फ्यू' को भारत की एकता का सबूत बताने लगा। भाजपा के अधिकांश केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री, पार्टी अध्यक्ष और दूसरे पदाधिकारियों ने रविवार शाम को उन लोगों के सम्मान में थाली और ताली बजाई जो कोरोना जैसी भयंकर महामारी में लोगों को बचाने के लिए दिन रात काम कर रहे हैं।
ताली बजाने वालों में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर, महाराष्ट्र के पूर्व सीएम देवेंद्र फडनवीस, पूर्व सेना प्रमुख वीपी मलिक, जावेद अख्तर, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी और दूसरे कई नेता शामिल रहे।
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के ट्विटर पर ताली बजाने का कोई फोटो नजर नहीं आया। उन्होंने ट्विटर पर सुकमा के नक्सली हमले में मारे गए पुलिसकर्मियों के प्रति संवेदना जताई। इससे पहले शनिवार को राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा था कि छोटे व्यापारियों एवं मजदूरों को ताली बजाने से मदद नहीं मिलेगी और इनको राहत देने के लिए सरकार को तत्काल कदम उठाने होंगे।
गांधी ने ट्वीट कर कहा, कोरोनावायरस हमारी नाज़ुक अर्थव्यवस्था पर एक कड़ा प्रहार है। छोटे, मध्यम व्यवसायी और दिहाड़ी मजदूर इससे सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ताली बजाने से उन्हें मदद नहीं मिलेगी। आज नकद मदद, टैक्स ब्रेक और कर्ज अदायगी पर रोक जैसे एक बड़े आर्थिक पैकेज की जरूरत है। सरकार तुरंत कदम उठाए।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी ताली बजाने जैसा कोई फोटो नहीं डाला। हालांकि उस वक्त वे कोरोना से निपटने के लिए हो रही बैठकों में व्यस्त थे। उनकी पार्टी की ओर से भी कोई बड़ा नेता ताली बजाता हुआ नजर नहीं आया। यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कोरोना से बचने के लिए कुछ बातें कहीं। जैसे अनुभवी डॉक्टरों की मदद लेना और लापरवाही बरतने वाले देशों से सीखना, आदि बातें अपने ट्विटर पर लिखी। ताली बजाने का फोटो उन्होंने नहीं डाला।
बसपा प्रमुख मायावती ने भी थाली या ताली नहीं बजाई। उन्होंने 14 मार्च के बाद कोई ट्वीट नहीं किया है। पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी मोदी की ताली बजाओ मुहिम से दूर रहीं। उन्होंने ट्विटर पर विश्व जल दिवस और बिहार दिवस का संदेश लिखा, लेकिन ताली बजाने जैसी किसी मुहिम का समर्थन नहीं किया। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी बैठकों में व्यस्त रहे। उन्होंने संदेश दिया कि लोग घरों में सुरक्षित रहें। उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट भी ताली बजाने से बचते हुए नजर आए।
कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने भी ताली नहीं बजाई। प्रियंका गांधी, जिन्होंने एक दिन पहले साबुन से हाथ धोते हुए अपना फोटो ट्वीट किया था, वे भी ताली बजाती हुई नहीं दिखीं। पंजाब के सीएम कैप्टन अमरेंद्र ने अपने ट्विटर पर उद्योगपतियों का आभार व्यक्त किया जो लॉक डाउन में सहयोग देने की बात कर रहे थे। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी ताली थाली बजाने वाला फोटो ट्वीट नहीं किया। तेजस्वी यादव भी ताली बजाने से बचते नजर आए।