- धारणा: गर्म और नमी वाले क्षेत्रों में कोरोना का संक्रमण नहीं फैल सकता।
- सच्चाई: नॉवेल कोरोन किसी भी जलवायु में फैल सकता है। इनमें गर्म-नम लाके भी शामिल हैं। बचावकारी उपाय अपनाकर संक्रमण से दूर रहें।
- भ्रम: ठंडा मौसम व बर्फ रोगाणुओं का खात्मा कर सकते हैं।
- तथ्य: बर्फ और ठंडा मौसम में वायरस खत्म होने के साक्ष्य नहीं हैं। शरीर का तापमान 36.5 डिग्री से 37 डिग्री के बीच ही रहता है।
गर्म पानी से नहाने से यह रोग नजदीक नहीं आएगा?
इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उलटे ज्यादा गर्म पानी से नहाने से आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। बचाव का तरीका यही है कि अपने हाथ साबुन से धोते रहें।
- नहीं। यह कोरी भ्रांति है। साबुन से हाथ धोना जरूरी है। उसके बाद हाथों को तौलिये, टिश्यू पेपर या हैंडड्रायर से सुखा सकते हैं।
यह वायरस मच्छरों के काटने से भी फैल सकता है?
- नहीं। अभी तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं, जो इसकी पुष्टि करे कि कोरोना मच्छरों से फैलता है। कोरोना एक रेस्पिरेटरी वायरस है, जो मोटे तौर पर संक्रमित व्यक्ति की खांसने या छींकने के दौरान फैलता है।
- दावा: यूवी डिस्इन्फेक्टेंट लैंप कोरोना को मार सकता है।
- सच्चाई: इन लैंपों की यूवी किरणों से त्वचा को भारी नुकसान संभव।
- नहीं। स्प्रे से कुछ नहीं होगा बल्कि यह आंखों और त्वचा के लिए नुकसानदेह हो सकता है। हां, अल्कोहल और क्लोरीन से सतहों को डिस्इन्फेक्ट करने कर सकते हैं।
थर्मल स्कैनर प्रभावी नहीं होते?
- स्कैनर बुखार का पता लगाने में प्रभावी है, जो संक्रमण से हो सकता है। हालांकि यह संक्रमित का पता नहीं लगा सकते।
निमोनया का वैक्सीन बचाता है?
- नहीं। यह वायरस बिलकुल नया है। वैक्सीन बनाने का काम चल रहा है।
- नमक युक्त पानी से नाक साफ करने से संक्रमण से बचा जा सकता है।
- यह सच नहीं है। हालांकि, रोजाना ऐसा करते रहने से किसी आम फ्लू से निपटने में थोड़ी मदद मिल सकती है।
लहसुन खाने से कोरोना का संक्रमण नहीं होगा?
- लहसुन शरीर के लिए फायदेमंद जरूर है लेकिन इसका कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है कि यह कोरोना का संक्रमण रोक सकती है।
बुजुर्ग ही इस रोग के शिकार होते हैं?
- ऐसा नहीं है। किसी भी उम्र के व्यक्ति को कोरोना अपनी चपेट में ले सकता है। हालांकि, उम्रदराज लोग, जो अस्थमा, मधुमेह या हृदय की बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें ज्यादा खतरा रहता है।
- कोरोना से बचाने के लिए एंटीबायोटिक्स मददगार हैं नहीं। ये कोरोना के खिलाफ प्रभावी नहीं हैं।
- नींद का पैटर्न बदलना, नीद या एकाग्रता में दिक्कत होना।
- सेहत खराब रहना, तंबाकू, शराब, मादक पदार्थों का सेवन बढ़ना। ऐसे में चिकित्सक की मदद लें।
- सामाजिक दूरी मानसिक बीमारों के लिए नुकसानदेह वे इलाज से बचने का प्रयास करते हैं। उन्हें इलाज दिलाएं।
ऐसा तो कतई न करें
- तंबाकू, शराब, ड्रग्स न लें। स्वास्थ्य बिगड़ेगा, रोग प्रतिरोधक क्षमता भी घटेगी। डॉक्टर की मदद लें।
- संक्रमित को समाज से दूर न होने दें इलाज में मदद करें।
- याद रखें कि अधिकतर लोग ठीक हो रहे हैं, डरें नहीं, इलाज कराएं।
इलाज के बाद भावनात्मक समस्याएं
- इलाज के बाद आप परिवार को संक्रमण का भी डर मन में रहेगा। वे दूरी बरतेंगे, इसके लिए तैयार रहें।
- अपनी भावनाओं को नियंत्रित रखने का प्रयास करें, ठीक होने की अपनी कहानी लोगों से साझा करें।