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कोरोना का खौफ: माता वैष्णो देवी की यात्रा आज से बंद, गंगा आरती में शामिल नहीं होंगे श्रद्धालु

Wed, 18 Mar 2020 10:12 PM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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ujjain mahakaal - फोटो : ujjain mahakaal
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कोरोना वायरस का असर सिर्फ भारत की अर्थव्यवस्था पर ही नहीं बल्कि लोगों की आस्था पर भी पड़ा है। वायरस के खतरे को देखते हुए देश के विभिन्न मंदिर प्रबंधनों ने श्रद्धालुओं के लिए द्वार बंद करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि कुछ समय के लिए ऐसा करने से लोगों में संक्रमण फैलाने से बचा जा सकता है। 

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माता वैष्णो देवी की यात्रा आज से बंद
कोरोना वायरस के चलते श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा बुधवार से बंद कर दी गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर से आने और जाने वाली सभी अंतर्राज्यीय बसों के परिचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पहले कल यानी कि मंगलवार को वैष्णो देवी धाम स्थित अर्द्धकुंवारी प्राकृतिक गुफा को बंद कर दिया गया था।

वहीं श्रीनगर एनआईटी के बाद मंगलवार को जम्मू में आईआईटी और आईआईएम को बंद कर दिया गया। हॉस्टल खाली करवाकर छात्र-छात्राओं को घर भेजा जा रहा है। मुबारक मंडी डोगरा आर्ट-म्यूजियम और श्रीनगर एसपीएस म्यूजियम को 31 मार्च तक बंद किया गया है। इनकी शोध लाइब्रेरी भी बंद की गई है।
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गंगा आरती पर लोगों के शामिल होने पर प्रतिबंध
हरिद्वार जिला प्रशासन ने कोरोनो वायरस के प्रकोप के मद्देनजर हर की पौड़ी पर दैनिक गंगा आरती में लोगों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिया है।

सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। उधर, मध्यप्रदेश सरकार ने भी उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दर्शन पर भी रोक लगा दी।

बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपील की थी कि मंदिरों में लोग कम जाएं ताकि भीड़ में कमी आए। वहीं ट्रस्ट की बैठक के बाद सिद्धि विनायक मंदिर को बंद करने का फैसला किया गया। 19 नवंबर 1801 में बनकर तैयार हुआ यह मंदिर बीते करीब 200 साल में पहली बार इस तरह से बंद हुआ है।

मुंबई: सिद्धि विनायक मंदिर में दर्शन पर अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध
इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। उधर, मध्यप्रदेश सरकार ने भी उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दर्शन पर भी रोक लगा दी।

बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपील की थी कि मंदिरों में लोग कम जाएं ताकि भीड़ में कमी आए। वहीं ट्रस्ट की बैठक के बाद सिद्धि विनायक मंदिर को बंद करने का फैसला किया गया। 19 नवंबर 1801 में बनकर तैयार हुआ यह मंदिर बीते करीब 200 साल में पहली बार इस तरह से बंद हुआ है।

तिरुपति बालाजी मंदिर में वेटिंग की व्यवस्था बंद
आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान के दर्शन पर प्रतिंबध नहीं लगाया गया है। हालांकि यहां वेटिंग व्यवस्था बंद कर दी गई है। यहां बीते कुछ दिनों से भक्तों की संख्या में काफी कमी आई है। मंदिर में जिन श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत दी जाएगी, उन्हें मास्क पहनकर आना होगा और सैनिटाइजर साथ रखना होगा। 

पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर में दर्शन नहीं
कोरोनावायरस के कहर के चलते पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर भी बंद किया गया है। 31 मार्च तक श्रद्धालु यहां दर्शन नहीं कर सकेंगे। हालांकि पूजा जारी रहेगी।

ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शनों पर रोक
मध्य प्रदेश में खंडवा के पास स्थित ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी दर्शनों पर 31 मार्च तक रोक लगा दी गई है। मंदिर के पुजारी तीन बार आरती और भोग लगाते रहेंगे। इससे पहले ग्रहण जैसी खगोलीय घटना के दौरा ही मंदिर के कपाट बंद किए जाते थे।

वाराणसी में आरती में शामिल नहीं होंगे भक्त
वाराणसी में भी होने वाली गंगा आरती में अब 31 मार्च तक आम लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। जिला प्रशासन और गंगा सेवा निधि ने यह फैसला लिया है।

इन मंदिरों में भी अगले आदेश तक प्रतिबंध
कर्नाटक के बेंगलुरु में राजाजी नगर और कनकपुरा रोड स्थित इस्कॉन मंदिर बुधवार से आम लोगों के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
महाराष्ट्र के नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग तीर्थ में भी मंगलवार से दर्शन बंद कर दिए गए हैं। यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाराष्ट्र के ही औरंगाबाद जिले में स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी दर्शन बंद कर दिए गए हैं। महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर में शनिधाम को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। 

गुवाहाटी स्थित कामाख्या शक्तिपीठ में मंदिर प्रशासन ने रोजाना लगने वाले भोग को कुछ दिन के लिए बंद किया है। यहां हैंड सैनिटाइजर्स श्रद्धालुओं को दिया जा रहा है। पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर खुला है, लेकिन परिसर में प्लाजा बंद कर दिया गया है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग संस्थान ने दर्शन पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन यहां श्रद्धालुओं से नहीं आने का आग्रह किया गया है। हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला में स्थित दलाई लामा मंदिर और सिद्धिबाड़ी स्थित ग्यूतो मोनेस्ट्री में आम लोगों का प्रवेश एक महीने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।

श्रीमुंबादेवी मंदिर में आम श्रद्धालुओं के आने पर प्रतिबंध

  • महाराष्ट्र के मंदिरों को भी कोरोना वायरस के कारण श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ बंद किया जा रहा है। इसके तहत मंगलवार 17 मार्च से मुंबई के श्रीमुंबादेवी मंदिर को आम श्रद्धालुओं के लिए बंद रखने का फैसला लिया गया है।
  • पुणे के श्रीमंत दगड़ूशेठ हलवाई गणेश मंदिर को भी 17 मार्च से अगले आदेश तक के लिए बंद किया गया है। इससे पहले आने वाले भक्तों के लिए हाथों का सैनिटाइजेशन अनिवार्य कर दिया था। इसके अलावा श्रद्धालुओं को मास्क पहनकर आने के लिए भी कहा गया था।
  • ओस्मानाबाद के तुलजा भवानी मंदिर में भी 31 मार्च तक भक्तों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
  • पश्चिम बंगाल में बेलूर मठ में भी सभाओं पर रोक लगाई गई है। बात दें कि रामकृष्ण मठ का मुख्यालय कोलकाता के बेलूर मठ में है। यहां प्रसाद बांटने पर भी रोक लगाई गई है। अगले आदेश तक मुख्य मंदिर में ज्यादा भीड़ जमा होने पर भी रोक लगा दी गई है।

भगवान को भी पहना दिया मास्क

  • 12वीं सदी में बने जगन्नाथ मंदिर के प्रशासन ने भी दर्शन के लिए आने वाले भक्तों के लिए नियमावली जारी की है। इसके तहत श्रद्धालुओं को पूजा के दौरान मास्क पहनना होगा और लगातार हाथ धोने होंगे।
  • श्रद्धालुओं को अपने नाक, कान और आंख छूने से बचना होगा। भक्तों को कतारों में खड़े होने और करीब दो मीटर की दूरी बनाए रखने के निर्देश हैं।
  • दतिया स्थित पीतांबरा पीठ में भी दर्शन रोकने का फैसला किया गया है। पीतांबरा पीठ में 18 मार्च से 5 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया गया है। 
  • कोरोना संक्रमण के चलते काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या घटी है। मंदिर प्रशासन ने पूजा के दौरान हाथ धोने, मास्क पहनने और सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। खास बात यह है कि यहां भगवानों को भी मास्क पहनाया गया है।
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उज्जैन: महाकाल मंदिर में भस्मारती में प्रवेश नहीं

  • उज्जैन के महाकाल मंदिर में होने वाली भस्मारती में आम श्रद्धालुओं के प्रवेश पर अगले आदेश तक रोक लगा दी गई है। वीआईपी श्रद्धालुओं को भी प्रवेश की मनाही है। आरती में केवल पुजारी मौजूद रहेंगे। उज्जैन स्थित मंगलनाथ, हरसिद्धि, कालभैरव और सांदीपनि आश्रम में भी श्रद्धालुओं की स्क्रीनिंग की जा रही है।
  • वैष्णो देवी मंदिर प्रशासन ने भी अपने यहां आने वाले एनआरआई, विदेशी नागरिकों और हाल में विदेशों से लौटे भारतीयों से अपील की है कि वे मंदिर में आने से पहले 28 दिन आइसोलेशन में बिताएं। 
  • शिर्डी में भी साईं बाबा संस्थान ट्रस्ट ने दर्शनों के लिए ना आने की श्रद्धालुओं से अपील की है। जबकि स्वामी नारायण मंदिर ने बड़े आयोजन रोक दिए हैं।
  • हिमाचल प्रदेश में मां चिंतपूर्णी मंदिर में सोमवार से ही जबकि कांगड़ा की शक्तिपीठों में मंगलवार से दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं के आने पर रोक लगाई गई है।
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