कोरोना वायरस का असर सिर्फ भारत की अर्थव्यवस्था पर ही नहीं बल्कि लोगों की आस्था पर भी पड़ा है। वायरस के खतरे को देखते हुए देश के विभिन्न मंदिर प्रबंधनों ने श्रद्धालुओं के लिए द्वार बंद करने का फैसला लिया है। उनका कहना है कि कुछ समय के लिए ऐसा करने से लोगों में संक्रमण फैलाने से बचा जा सकता है।
माता वैष्णो देवी की यात्रा आज से बंद
कोरोना वायरस के चलते श्री माता वैष्णो देवी की यात्रा बुधवार से बंद कर दी गई है। वहीं जम्मू-कश्मीर से आने और जाने वाली सभी अंतर्राज्यीय बसों के परिचालन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। इससे पहले कल यानी कि मंगलवार को वैष्णो देवी धाम स्थित अर्द्धकुंवारी प्राकृतिक गुफा को बंद कर दिया गया था।
वहीं श्रीनगर एनआईटी के बाद मंगलवार को जम्मू में आईआईटी और आईआईएम को बंद कर दिया गया। हॉस्टल खाली करवाकर छात्र-छात्राओं को घर भेजा जा रहा है। मुबारक मंडी डोगरा आर्ट-म्यूजियम और श्रीनगर एसपीएस म्यूजियम को 31 मार्च तक बंद किया गया है। इनकी शोध लाइब्रेरी भी बंद की गई है।
गंगा आरती पर लोगों के शामिल होने पर प्रतिबंध
हरिद्वार जिला प्रशासन ने कोरोनो वायरस के प्रकोप के मद्देनजर हर की पौड़ी पर दैनिक गंगा आरती में लोगों की भागीदारी पर प्रतिबंध लगा दिया है।
सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। उधर, मध्यप्रदेश सरकार ने भी उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दर्शन पर भी रोक लगा दी।
बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपील की थी कि मंदिरों में लोग कम जाएं ताकि भीड़ में कमी आए। वहीं ट्रस्ट की बैठक के बाद सिद्धि विनायक मंदिर को बंद करने का फैसला किया गया। 19 नवंबर 1801 में बनकर तैयार हुआ यह मंदिर बीते करीब 200 साल में पहली बार इस तरह से बंद हुआ है।
मुंबई: सिद्धि विनायक मंदिर में दर्शन पर अनिश्चितकाल के लिए प्रतिबंध
इससे पहले सोमवार को महाराष्ट्र सरकार ने मुंबई के सिद्धि विनायक मंदिर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। उधर, मध्यप्रदेश सरकार ने भी उज्जैन के महाकाल मंदिर में भस्म आरती के दर्शन पर भी रोक लगा दी।
बता दें कि मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने अपील की थी कि मंदिरों में लोग कम जाएं ताकि भीड़ में कमी आए। वहीं ट्रस्ट की बैठक के बाद सिद्धि विनायक मंदिर को बंद करने का फैसला किया गया। 19 नवंबर 1801 में बनकर तैयार हुआ यह मंदिर बीते करीब 200 साल में पहली बार इस तरह से बंद हुआ है।
तिरुपति बालाजी मंदिर में वेटिंग की व्यवस्था बंद
आंध्र प्रदेश के तिरुपति बालाजी मंदिर में भगवान के दर्शन पर प्रतिंबध नहीं लगाया गया है। हालांकि यहां वेटिंग व्यवस्था बंद कर दी गई है। यहां बीते कुछ दिनों से भक्तों की संख्या में काफी कमी आई है। मंदिर में जिन श्रद्धालुओं को दर्शन की इजाजत दी जाएगी, उन्हें मास्क पहनकर आना होगा और सैनिटाइजर साथ रखना होगा।
पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर में दर्शन नहीं
कोरोनावायरस के कहर के चलते पुष्कर का ब्रह्मा मंदिर भी बंद किया गया है। 31 मार्च तक श्रद्धालु यहां दर्शन नहीं कर सकेंगे। हालांकि पूजा जारी रहेगी।
ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग में दर्शनों पर रोक
मध्य प्रदेश में खंडवा के पास स्थित ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में भी दर्शनों पर 31 मार्च तक रोक लगा दी गई है। मंदिर के पुजारी तीन बार आरती और भोग लगाते रहेंगे। इससे पहले ग्रहण जैसी खगोलीय घटना के दौरा ही मंदिर के कपाट बंद किए जाते थे।
वाराणसी में आरती में शामिल नहीं होंगे भक्त
वाराणसी में भी होने वाली गंगा आरती में अब 31 मार्च तक आम लोग शामिल नहीं हो सकेंगे। जिला प्रशासन और गंगा सेवा निधि ने यह फैसला लिया है।
इन मंदिरों में भी अगले आदेश तक प्रतिबंध
कर्नाटक के बेंगलुरु में राजाजी नगर और कनकपुरा रोड स्थित इस्कॉन मंदिर बुधवार से आम लोगों के लिए अगले आदेश तक बंद कर दिए गए हैं।
महाराष्ट्र के नासिक में स्थित त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग तीर्थ में भी मंगलवार से दर्शन बंद कर दिए गए हैं। यह भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है। महाराष्ट्र के ही औरंगाबाद जिले में स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी दर्शन बंद कर दिए गए हैं। महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर में शनिधाम को भी अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
गुवाहाटी स्थित कामाख्या शक्तिपीठ में मंदिर प्रशासन ने रोजाना लगने वाले भोग को कुछ दिन के लिए बंद किया है। यहां हैंड सैनिटाइजर्स श्रद्धालुओं को दिया जा रहा है। पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर खुला है, लेकिन परिसर में प्लाजा बंद कर दिया गया है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग संस्थान ने दर्शन पर प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन यहां श्रद्धालुओं से नहीं आने का आग्रह किया गया है। हिमाचल प्रदेश में धर्मशाला में स्थित दलाई लामा मंदिर और सिद्धिबाड़ी स्थित ग्यूतो मोनेस्ट्री में आम लोगों का प्रवेश एक महीने के लिए प्रतिबंध लगाया गया है।