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कोरोना: शिवसेना का तंज, ताली बजाने-दीये जलाने से नहीं जीतेंगे जंग, पीएम बताएं कि क्या चाहते हैं..

Wed, 08 Apr 2020 03:36 AM IST
योगेश साहू अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई।
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शिवसेना - फोटो : ANI
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शिवसेना ने मंगलवार को अपनी पार्टी के मुखपत्र सामना के मार्फत तंज कसा है। पार्टी ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ जारी जंग को ताली बजाकर, थाली पीटकर या दीये जलाकर नहीं जीता जा सकता। पार्टी का यह भी कहना है कि लोगों ने प्रधानमंत्री की इस अपील का गलत अर्थ निकाला। पीएम मोदी को साफ-साफ कहना चाहिए कि वे देशवासियों से क्या उम्मीद करते हैं और जो लोग आदेश नहीं मानेंगे उन्हें सजा दी जानी चाहिए।

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शिवसेना के मुखपत्र सामना में प्रकाशित संपादकीय में पार्टी ने कहा कि मोदी ने राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बीच पिछले हफ्ते लोगों से कोरोना वायरस को हराने के लिए रविवार रात नौ बजे नौ मिनट के लिए घरों की लाइट बंद करने की अपील की थी। देश भर में लोगों ने पूरे उत्साह से इस पर प्रतिक्रिया दी।

पीएम मोदी ने इससे पहले लोगों से 22 मार्च को ‘जनता कर्फ्यू’ का पालन करने और कुछ देर के लिए अपने घरों के मुख्य दरवाजे पर बाहर आकर तालियां, घंटी, थाली बजाकर कोरोना वायरस के खिलाफ अग्रिम मोर्चे पर लड़ाई लड़ रहे स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवा प्रदाताओं के प्रति आभार जताने का आह्वान किया था। प्रधानमंत्री की इन अपीलों की आलोचना करते हुए शिवसेना ने कहा कि तालियां, थालियां और दीया, इस तरीके से हम जंग हार जाएंगे।

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मुंबई तीसरे चरण से कुछ ही दूर

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना वायरस का संक्रमण तीसरे चरण में पहुंचने से चंद कदम ही दूर है। हालांकि अभी तक इसका अधिकृत एलान नहीं हुआ है, लेकिन केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव लव अग्रवाल का यह कहना कि देश के कुछ इलाकों में कोरोना संक्रमण तीसरे चरण में पहुंच चुका है।

उनका यह इशारा साफ तौर पर मुंबई की तरफ ही है, क्योंकि देश में मुंबई ही एकमात्र बड़ा हॉटस्पॉट है जहां मरीजों की संख्या बेतहाशा बढ़ रही है और मरीजों की मौत की संख्या भी सर्वाधिक है। एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी कही जाने वाली धारावी के अलावा अब कोरोना का संक्रमण बांद्रा टर्मिनस से सटे बेहरामपाड़ा और कुर्ला के जरीमरी आदि झुग्गियों तक फैल गया है।

शहर के दो बड़े अस्पताल वॉकहार्ट और जसलोक अस्पताल सील किए गए हैं। वहीं, राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के घर मातोश्री के आसपास भी कोरोना वायरस मंडराने लगा है। इसके चलते उद्धव के घर की सुरक्षा में लगे 100 से अधिक पुलिसकर्मियों को उत्तर भारतीय संघ की इमारत में एकांतवास में भेज दिया गया है।

झुग्गियों में आया कोरोना वायरस

मुंबई की झुग्गी-झोपड़ियों में मरकज कनेक्शन के चलते कोरोना वायरस का प्रसार हुआ है। मुंबई के विभिन्न अस्पतालों में 90 फीसदी मरीजों का मरकज कनेक्शन सामने आया है। धारावी का मदीना नगर, बालिगानगर, बांद्रा का बेहरामपाड़ा या फिर कुर्ला का जरीमरी इलाका। यहां एक समुदाय विशेष के लोगों में ही कोरोना का कहर ज्यादा देखने को मिला है।

मरकज में शामिल होने वाले 150 लोगों के खिलाफ एफआईआर
बीएमसी ने आजाद मैदान पुलिस थाने में तब्लीगी जमात के मरकज में शामिल होने वाले 150 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। बीएमसी आयुक्त प्रवीण परदेसी ने बताया कि मुंबई में भर्ती 90 फीसदी कोरोना के मरीज तब्लीगी जमात से संबंधित हैं, जबकि बाहर से आए 10 फीसदी मरीज ही कोरोना पॉजिटिव हैं। 

खुद ही कार ड्राइव कर कैबिनेट की मीटिंग में चले उद्धव

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे मंगलवार को खुद ही अपनी कार चलाकर कैबिनेट मंत्रियों की बैठक की अध्यक्षता करने निकले। महाआघाड़ी सरकार के मंत्री अनिल परब ने बताया कि कलानगर में पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पास मातोश्री के गेट नंबर-2 के नजदीक चाय बनाने वाला कोरोना पॉजिटिव आने के बाद उद्धव ठाकरे ने खुद डिस्टेंस मेंटेन किया है।

पूरे परिसर को सील कर सेनिटाइजर का छिड़काव किया गया है। उनके घर की सुरक्षा में तैनात अधिकांश पुलिसकर्मी सीधे तौर पर चाय वाले के संपर्क में थे इसलिए सभी पुलिसकर्मियों को बांद्रा में टीचर कालोनी स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन में क्वारंटीन कर दिया गया है।

वॉक्हार्ट अस्पताल में 52 लोग कोरोना संक्रमित, बेस्ट कालोनी सील
मुंबई सेंट्रल के वॉक्हार्ट अस्पताल में नर्स, कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड सहित कुल 52 लोग कोरोना वायरस संक्रमित पाए गए हैं। पुलिस ने पूरे अस्पताल परिसर को सील कर दिया है। इतनी बड़ी संख्या में कोरोना संक्रमित पाए जाने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है।

इसलिए यह कहा जाने लगा है कि मुंबई मे कोरोना संक्रमण का तीसरा चरण शुरू हो गया है। वहीं, बेस्ट बस के एक कंडक्टर और उसका दामाद कोरोना संक्रमित पाया गया है, उसके बाद परेल स्थित बेस्ट कामगार कालोनी को सील कर दिया गया है।
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मुंबई को बचाना है तो कठोर कदम उठाना होगा

मुंबई को बचाना है तो पूरी तरह लॉकडाउन करना पड़ेगा। उत्तर-मध्य मुंबई के शिवसेना सांसद राहुल शेवाले ने इस संबंध में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का ध्यान आकृष्ट कराया है। उन्होंने कहा कि यदि कड़ा कदम नहीं उठाया गया तो मुंबई में बड़ा संकट आ सकता है। खासकर एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी को बचाने के लिए प्रयत्न किए जाने चाहिए। 

कोरोना के उपचार के लिए 30 विशेष अस्पताल
महाराष्ट्र में मुंबई के कस्तूरबा, केईएम, जेजे, जीटी और सेंट जार्ज अस्पताल के अलावा राज्य सरकार ने वायरस से संक्रमित मरीज के इलाज के लिए 30 विशेष अस्पताल घोषित किए हैं। ये सभी मुंबई के बाहर के सरकारी अस्पताल हैं जहां कोरोना का उपचार किया जा रहा है। मुंबई के अस्पतालों के अलावा इन 30 अस्पतालों में कुल 2305 बेड हैं। इन अस्पतालों में केंद्र और राज्य सरकार के मार्गदर्शन के तहत उपचार किया जा रहा है।

लॉकडाउन का पालन कराना कठिन चुनौती
महाराष्ट्र में लॉकडाउन के दौरान सड़कों पर निकालने वाले 4000 वाहन सीज किए गए हैं। इसमें मुंबई का भी समावेश है। लेकिन मुंबई में लॉकडाउन नियम का पालन कराना कठिन चुनौती है। महानगर में कोरोना वायरस चौतरफा पांव पसार रहा है, फिर भी लोग डिस्टेंस मेंटेन नहीं कर रहे हैं। मुंबई के नागपाड़ा, नलबाजार, बोरिवली सब्जी मार्केट, दादर मार्केट सहित कई इलाकों में यह स्थिति देखी जा सकती है।
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