कोरोना काल में संक्रमण की दूसरी लहर में कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। इस बार वे केवल आलोचना के शब्दों तक सीमित नहीं हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से सवाल पूछा है।
सोनिया गांधी ने शुक्रवार को कांग्रेस संसदीय पार्टी की बैठक में कहा कि देश में सभी लोगों को कोरोना से बचाने के लिए फ्री वैक्सीन लगे, इसके लिए संसद से 35 हजार करोड़ रुपये का बजट जारी हुआ था। उसके बावजूद आज सभी राज्यों से वैक्सीन के पैसे वसूले जा रहे हैं।
केंद्र के 'अधिकार-प्राप्त समूह' और कोविड के लिए बनाई गई राष्ट्रीय टास्क फोर्स द्वारा जो सुझाव दिए गए थे, उनका क्या हुआ। किसी ने उन पर अमल किया है। इनकी तरफ से कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर आने की चेतावनी दी गई थी, मगर इसके बावजूद केंद्र सरकार तैयारी नहीं कर सकी।
देश में कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर ने जो कहर बरपा रखा है, उसे लेकर कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने पीएम मोदी पर कई सवाल दागे हैं। उन्होंने कहा, वैश्विक महामारी के इस दौर में मोदी सरकार फेल चुकी है। देश के स्वास्थ्य ढांचे का जो हाल है, वह सभी के सामने है।
उन्होंने कहा कि इलाज और दवाओं के अभाव में हजारों लोग मारे जा चुके हैं। विभिन्न राज्यों में कोरोना संक्रमित लाखों मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज ठीक तरह से नहीं हो पा रहा है। लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल पा रहा है। ऑक्सीजन की कमी है। वैक्सीन और दूसरी जीवनरक्षक दवाओं को लेकर मरीज परेशान हो रहे हैं।
लोगों को अस्पताल, गाड़ियों और सड़क पर जिंदगी के लिए जद्दोजहद करनी पड़ रही है। सोनिया गांधी ने कहा कि मोदी सरकार को संक्रमण से मरते लोगों की फिक्र नहीं है। राज्यों पर तो पहले से ही आर्थिक दबाव है, अब केंद्र सरकार ने उन्हें वैक्सीन भी निशुल्क मुहैया नहीं कराई।
बता दें कि गत वर्ष जब कोरोना की पहली लहर आई तो केंद्र ने कई तरह के एक्सपर्ट समूहों का गठन किया था। इनमें विशेष अधिकार प्राप्त समूह भी थे। राहुल गांधी और विपक्ष के कई दूसरे सदस्य भी यह सवाल उठा चुके हैं कि सरकार ने इन विशेषज्ञों की सलाह नहीं मानी। जैसे कि राष्ट्रीय टॉस्क फोर्स ने बता दिया था कि दूसरी लहर आ सकती है। इस बाबत किस तरह की तैयारियां की जाएं।
केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय टास्क फोर्स के सुझावों पर अमल नहीं किया। नतीजा, दूसरी लहर में ऑक्सीजन, वेंटिलेटर और दवाओं की भारी किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। विदेशों में वैक्सीन जा रही है, लेकिन अपने लोगों को पर्याप्त वैक्सीन नहीं मिल पा रही। सोनिया गांधी ने अप्रत्यक्ष तौर पर सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट को लेकर भी मोदी सरकार पर निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे प्रोजेक्ट पर हजारों करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं, जबकि इनका जनता के हित से कोई लेना-देना नहीं था। पीएम मोदी और भाजपा पर कटाक्ष करते हुए सोनिया गांधी ने कहा कि कोरोना काल में संसद की स्थायी समिति और विपक्ष ने कई बार सरकार को सुझाव दिए, लेकिन प्रधानमंत्री ने किसी की नहीं सुनी। मोदी और उनकी पार्टी ने सुझावों पर अमल करने के बजाय यह कहना शुरू कर दिया कि हमने कोरोना को हरा दिया है।
इसके लिए भाजपा नेताओं ने पीएम मोदी का गुणगान भी किया था। दूसरी लहर से पहले टास्क फोर्स ने केंद्र सरकार को ऑक्सीजन सप्लाई के बारे में सुझाव दिए थे, लेकिन उनकी तरफ किसी ने ध्यान ही नहीं दिया। वैक्सीन की कमी को देखते हुए दूसरी कंपनियों को उसके उत्पादन का लाइसेंस तक नहीं जारी किया गया। सोनिया गांधी का कहना था कि मोदी सरकार ने अपनी वैक्सीन पॉलिसी में कई वर्गों को शामिल नहीं किया है। इनमें दलित, आदिवासी और कई अन्य पिछड़े समूह शामिल हैं।