देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए सरकार ने लॉकडाउन की घोषणा की हुई है। इसके बाद भी लोगों द्वारा लॉकडाउन तोड़ने के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसा ही एक मामला केरल के तिरुवनंतपुरम में सामने आया, जहां एक शिक्षिका लॉकडाउन को तोड़ते हुए कर्नाटक पहुंच गई।
शिक्षिका तिरुवनंतपुरम से वायनाड के मुथंगा की 465 किलोमीटर की यात्रा कर कर्नाटक चली गई। वह केरल से दिल्ली जाने के लिए निकली थी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया है और जांच जारी है। बताया गया है कि महिला पोट्टम के केंद्रीय विद्यालय में शिक्षिका है। उसने 21 अप्रैल को अपनी यात्रा शुरू की थी।
लॉकडाउन के कारण पुलिस और जिला प्रशासन द्वारा अंतर-जिला यात्रा पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। केवल जरूरी कारणों पर ही यात्रा की अनुमति दी गई है। तिरुवनंतपुरम में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उसे नहीं याद कि उसने ऐसा कोई पास जारी किया था।
उन्होंने कहा कि हो सकता है महिला ने सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया हो, क्योंकि इतनी लंबी यात्रा के दौरान उसके निजी वाहन को कहीं न कहीं जरूर रोका गया होगा।
वहीं, कुछ रिपोर्ट सामने आई है जिसमें कहा गया है कि महिला ने यात्रा के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया है। वह आबकारी विभाग की एक आधिकारिक कार में वायनाड के कलपेट्टा तक आई थी।
वायनाड जिला पुलिस प्रमुख आर एलंगो ने बताया कि प्राथमिक सूचना के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई है और जांच शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि हम इस बात की जांच करेंगे कि महिला ने पास के लिए सभी सरकारी मानदंडों का पालन किया था या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर उसने पास को लेने के लिए कोई गलत दावा किया होगा तो इसकी भी जांच की जाएगी।
उन्होंने कहा कि प्राथमिक सूचना के अनुसार, महिला आबकारी विभाग की आधिकारिक कार से थमारासरी (कोझिकोड) से होते हुए मुथुंगा (वायनाड) तक आई। उन्होंने आगे कहा कि इससे पहले उसने तिरुवनंतपुरम से वायनाड आने के लिए जिस माध्यम का प्रयोग किया था उसकी भी जांच की जाएगी।
पुलिस प्रमुख ने कहा कि उन्हें महिला के दिल्ली पहुंचने के बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि हम उसकी गतिविधि की निगरानी कर रहे हैं।