कोरोना महामारी को तेज होते देख और राज्यों के गलत रवैए के चलते केंद्र सरकार ने कोरोना जांच की प्रक्रिया में बदलाव किया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों से कहा है कि रैपिड एंटीजन जांच के दौरान निगेटिव मिलने वाले प्रत्येक व्यक्ति की दोबारा से जांच होगी। जांच के लिए आरटी-पीसीआर तकनीक का प्रयोग होगा।
स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि अब सस्ती जांच का विकल्प ही खत्म हो चुका है। राज्य सरकार चाहें तो रैपिड एंटीजन जांच को बढ़ावा दे सकती है लेकिन प्रत्येक निगेटिव रिपोर्ट की आरटी-पीसीआर जांच भी साथ करानी होगी। यानी अगर देखा जाए तो आगामी दिनों में राज्यों पर कोरोना जांच का दोहरा भार पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, कंजूसी भारी पड़ी है।
वायरस के नए स्ट्रेन का भी खतरा
मंत्रालय का कहना है कि जिस तरह कुछ राज्यों में मामले बढ़े हैं। वहां प्रभावित जिलों में जीनोम सीक्वेंसिंग बढ़ाने की आवश्यकता है। इन जिलों में वायरस के नए स्ट्रेन हो सकते हैं। हाल ही में भारत में दक्षिण अफ्रीका और ब्रिटेन सहित तीन तरह के स्ट्रेन मिलने की पुष्टि हुई थी।
देश में लगातार चौथे दिन मरीजों की संख्या में इजाफा
देश में लगातार चौथे दिन कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा देखा गया है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को बताया कि पिछले 24 घंटे में 14264 नए मामले मिले जबकि 90 ने दम तोड़ दिया। अब तक कुल 1,09,91,651 मरीजों में से 1,06,89,715 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं।
स्वस्थ होने वाले मरीजों की दर 97.25 फीसदी हैं। अब तक 1,56,302 मरीजों की मौत हो चुकी है। सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 1,45,634 हो गई है जो कुल मामलों का 1.32 फीसदी है।
मनाली में साल भर से बंद 1000 होटल मार्च से खुलेंगे
कोरोना की वजह से पर्यटन नगरी मनाली में बीते वर्ष मार्च महीने से बंद पड़े करीब 1000 होटल कॉटेज और होम स्टे मार्च से खुल जाएंगे। पर्यटन के लिहाज से 15 अप्रैल से 15 जुलाई तक चलने वाले समर सीजन की तैयारियां शुरू हो गई हैं।
कोरोना के बीच अनलॉक के दौरान बीते दिसंबर माह से कुल्लू मनाली में करीब 1200 होटल व होम स्टे खुल चुके हैं। मनाली में 40 से 45 फीसदी होटल संचालकों ने वैक्सीन आने तक होटलों को नहीं खोलने का फैसला लिया था।