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केंद्र ने कोरोना को आपदा घोषित किया, चार लाख के मुआवजे पर दिया स्पष्टीकरण

Sat, 14 Mar 2020 03:30 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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महिला की जांच करते सुरक्षाकर्मी - फोटो : PTI
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केंद्र सरकार ने देश में कोरोना वायरस से पीड़ित मरीजों की सहायता के लिए मुआवजे का एलान किया था। गृह मंत्रालय ने कहा था कि कोरोना वायरस से मरने वाले व्यक्ति के परिवार को 4 लाख रुपये का भुगतान किया जाएगा, इसमें राहत कार्यों में या प्रतिक्रिया गतिविधियों में शामिल लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। हालांकि सरकार ने इसके कुछ घंटे बाद जारी अधिसूचना में मुआवजे को लेकर और स्पष्टीकरण दिया है। 

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कुछ ही घंटों के भीतर जारी की गई संशोधित अधिसूचना में कहा गया है कि राहत राशि अब संगरोध उपायों, नमूना संग्रह और स्क्रीनिंग तक विस्तारित की जाएगी। रोग को रोकने के लिए आवश्यक उपकरण और प्रयोगशाला की खरीद को भी एसडीआरएफ के तहत कवर किया जाएगा।
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यानि कोरोना वायरस के इलाज में होने वाले खर्च को दिया जाएगा। कोई कोरोना की चपेट में आता है, तो उसके आइसोलेशन और जांच से लेकर इलाज तक में होने वाला खर्च ही सरकार देगी। स्टेट डिजास्टर रेस्पॉन्स फंड से धनराशि देने का फैसला भी राज्य सरकार करेगी।

इससे पहले मंत्रालय ने कहा था कि सरकार ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से कोरोनावायरस को एक अधिसूचित आपदा के रूप में मानने का निर्णय लिया है।

गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस को अधिसूचित आपदा घोषित किया। सरकार के इस कदम से राज्यों को अब राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष (एसडीआरएफ) के तहत कोरोना से निपटने के लिए बड़ी मात्रा में धन व्यय कर सकते हैं। 

भारत में अब तक कोरोना वायरस से 84 लोग संक्रमित पाए गए हैं। वहीं, इस जानलेवा वायरस से देश में अब तक  दो लोगों की मौत हुई है। चीन के वुहान शहर से फैले कोरोना वायरस का प्रसार दुनिया के 100 से अधिक देशों में हो चुका है और इससे 1,20,000 से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना वायरस को वैश्विक महामारी घोषित कर दिया है और दुनिया के अन्य हिस्सों के मुकाबले यूरोप में इसके संक्रमितों और इससे जान गवांने वाले लोगों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है। 

पीएम मोदी ने घर में पृथक रखने के संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देश साझा किए

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को घर में पृथक रहने के संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय के दिशानिर्देश ट्विटर पर साझा किए। मोदी ने दिशानिर्देश जारी करते हुए लिखा, ‘यहां कुछ महत्वपूर्ण सूचना है। इसे पढ़ें।’

स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि घर पर पृथक रखने का उद्देश्य ‘आपको और आपके प्रियजनों की रक्षा करना है।’ दिशानिर्देश के अनुसार जिन्हें घर पर पृथक रखा गया है उन्हें एक ऐसे एकल कमरे में रहना चाहिए जो कि हवादार हो और उससे उससे लगा हुआ शौचालय हो या फिर उनके लिए अलग शौचालय हो।

यदि परिवार के किसी अन्य सदस्य को उसी कमरे में रहना जरूरी हो, तो यह सलाह दी जाती है कि दोनों के बीच कम से कम एक मीटर की दूरी हो। घर में पृथक रखे गए व्यक्तियों को वृद्ध, गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किसी बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों से दूर रहना चाहिए क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है।
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पश्चिम बंगाल में सरकारी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और मदरसे बंद

पश्चिम बंगाल सरकार ने कहा है कि राज्य में सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, निजी शिक्षण संस्थान - स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, मदरसे, शिशु शिक्षा केंद्र और मध्यम शिक्षा केंद्र 16 से 31 मार्च तक बंद रहेंगे। बोर्ड परीक्षाएं अनुसूची के अनुसार आयोजित की जाएंगी।

गोवा में स्कूल, कॉलेज, कसिनो, बोट क्रूज और डिस्को क्लब बंद
गोवा के सीएम प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य में 31 मार्च तक सभी स्कूल, कॉलेज, कसिनो, बोट क्रूज और डिस्को क्लब बंद रहेंगे। हालांकि, सीनियर सेकेंडरी सर्टिफिकेट (एसएससी) और हायर सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (एचएसएससी) परीक्षाएं शेड्यूल के अनुसार आयोजित की जाएंगी।

कर्नाटक में बस के कंडक्टर और ड्राइवर ने यात्रियों को फ्री में बांटे मास्क
कर्नाटक में एक बस के कंडक्टर एमएल नदाफ और ड्राइवर एचटी मयनावर ने यारगुप्पी से हुबली जाने वाली बस में यात्रा करने वाले यात्रियों को फ्री में मास्क बांटे। उन्होंने अपने पैसों से यह मास्क खरीदे। नदाफ ने कहा कि हमने यह पहल की क्योंकि लोग कोरोनो वायरस की वजह से यात्रा करने से बच रहे हैं। मैं सरकार से मुफ्त में मास्क बांटने का अनुरोध करता हूं।

सरकारी अस्पताल से भागे पांच संदिग्ध मरीजों में से तीन आए वापस
नागपुर में कोरोना वायरस के चार संदिग्धों समेत पांच लोग एक सरकारी अस्ताल से भाग गए। हालांकि, उनमें से तीन लोग वापस अस्पतला आ गए हैं। अब आइसोलेशन वार्ड के बाहर पुलिस तैनात रहेगी।पांच संदिग्ध मरीजों को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में रखा गया था। पांचों में से एक व्यक्ति की रिपोर्ट निगेटिव आई थी जबकि चार की रिपोर्ट आनी बाकी थी। पांचो लोग कैंटीन में कुछ खाने के लिए गए थे जहां से वो अपने घरों के लिए भाग गए। 
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