मास्क पहने मेडिकल स्टाफ
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छात्रा ने बताया, 'चीन से वापस आने पर मुझे हर बार सर्दी या बुखार हो जाता था। मेरे रिश्तेदारों ने मुझे गले में खराश से छुटकारा पाने के लिए भाप या सामान्य दवाएं लेने की सलाह दी, लेकिन मैंने डॉक्टर से संपर्क करने पर जोर दिया। मैं सिर्फ यह जानना चाहता था कि यह कोरोनवायरस था या नहीं। मैं अपने माता-पिता और रिश्तेदारों के बारे में अधिक चिंतित थी और यह जाने बिना घर पर नहीं रहना चाहता थी कि मुझे आखिर क्या हुआ है।'
जब स्वास्थ्य अधिकारियों से इस संबंध में संपर्क किया गया तो उन्होंने आग्रह किया कि वह जांच के लिए जिला अस्पताल आए। वहां चार अन्य लोगों को पृथक केंद्र में रखा गया था। छात्रा के रक्त के नमूने, गले में खराश, नाक में सूजन, मूत्र और मल के नमूनों को जांच के लिए लिया गया। छात्रा को कोरोनावायरस से संक्रमण की पुष्टि 30 जनवरी को हुई और उसे अगले दिन त्रिशूर मेडिकल कॉलेज अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में स्थानांतरित कर दिया गया।
उसने बताया, 'मुझे 20 दिनों तक आईसोलेशन वार्ड में रखा गया और कई बार यह मेरे लिए बहुत कठिन हो जाता था। पहले दो हफ्तों में, मुझे कुछ भी असामान्य नहीं लगा। हर दिन, प्रशिक्षित कर्मचारी संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए मेरे कपड़े लेते और जला देते। मुझे अपने फोन को साफ करने का निर्देश दिया गया था, जो मैं चीन में भी करती थी। चूंकि मुझे अन्य चिकित्सा समस्याएं नहीं थी, इसलिए डॉक्टरों ने मुझे मेरी पसंद का भोजन करने की अनुमति दी।'
आईसोलेशन के महत्व को जानते हुए भी उसे सख्त प्रोटोकॉल का सामना करने में परेशानी हुई। छात्रा ने बताया, 'मैं बेचैन थी कि मेरे नमूनों के परिणाम वापस क्यों नहीं आए, जबकि अन्य लोगों के दो सप्ताह बाद ही आ गए। लेकिन, परामर्शदाताओं से बात करने से मुझे बेहतर महसूस हुआ। उन्होंने मुझे बुरा और उदास महसूस होने पर सांस लेने जैसे व्यायाम टिप्स दिए।'
छात्रा को 20 फरवरी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लकिन वह एक मार्च तक घर में ही रही। केरल में तेजी से फैले रहे कोरोनावायरस को देखते हुए, छात्रा का कहना है कि वह बस इतना ही कहना चाहती है कि प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाए।
उसने कहा, 'आप जितनी जल्दी स्वास्थ्य विभाग को इस बारे में जानकारी देंगे उतना ही बेहतर होगा। समय पर जांच और सही इलाज ने मुझे जल्दी से ठीक होने में मदद की और वायरस को फैलने से भी रोका।'
चूंकि चीन में कोरोनावायरस का खतरा अभी भी बना हुआ है, इसलिए चिकित्सा विश्वविद्यालय दुनिया भर के छात्रों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं का आयोजन कर रहा है। छात्रा ने ऑनलाइन सुविधा का उपयोग करके अपना कोर्स जारी रखा है और वह तब ही चीन वापस जाएगी जब यात्रा की अनुमति दी जाएगी।