केंद्र सरकार के साइंस और तकनीकी विभाग (डीएसटी) ने कोरोना महामारी से जंग को त्वरित गति देने के लिए सेंटर फॉर ऑगमेंटिंग वॉर विद कोविड-19 हेल्थ क्राइसेस (सीएडब्ल्यूएसीएच) केंद्र बनाने का फैसला किया है। इसमें अनुसंधान, विकास और अन्य जरूरतों को पूरा किया जाएगा। इसके लिए 56 करोड़ का आवंटन किया गया है।
सोसाइटी फॉर इनोवेशन एंड इंटरप्रेन्योरशिप (एसआईएनई) डीएसडी द्वारा समर्थित आईआईटी मुंबई सीएडब्ल्यूएसीएच की कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में काम करेगा। डीएसटी का प्रयास है कि वेंटिलेटर, डायग्नोस्टिक, चिकित्सा विज्ञान, सूचना विज्ञान के क्षेत्र में इनोवेशन को बढ़ावा देकर कोरोना के समाधान की दिशा में काम किया जा सके।
सीएडब्ल्यूएसीएच 50 नए इनोवेटिव स्टार्टअप्स की पहचान करेगा जो एक नए विचार, कम लागत वाले, सुरक्षित और प्रभावी वेंटिलेटर, श्वसन प्रक्रिया के निर्बाध संचालन जैसे आवश्यक तंत्र के लिए एक प्रभावी प्रणाली विकसित करने में सहायक हो।
इस केंद्र की प्राथमिकता कोरोना से जुड़े इन अनुसंधानों और इनोवेशन को पूरे देश में एक प्रभावी तंत्र उपलब्ध कराना है, जिससे यह अधिकाधिक जांच और प्रयोग कर सकें। विभाग के सचिव प्रोफेसर आशुतोष मिश्रा ने बताया कि देश के सामने इस समय जिस तरह का संकट है उससे निपटने के लिए साइंस और तकनीकी विभाग सबसे आगे मोर्चा लिए है। उन्होंने विश्वास जताया कि विभाग अपने बड़े तंत्र और उपलब्ध विस्तृत संसाधनों का प्रयोग कर देश को इस संकट से निकालेगा ऐसा उनका विश्वास है।