72,314 मरीजों पर अध्ययन के बाद चीन के वैज्ञानिकों का कहना है कि 80 वर्ष या उसके आसपास की आयु के मरीजों के लिए कोरोना वायरस जानलेवा है।
- 21.9% मौतों में इसी आयुवर्ग के कोरोना मरीज थे।
- 13.2% कार्डियोवस्कुलर,
- 9.2 मधुमेह,
- 8.4 फीसदी उच्च रक्तचाप,
- 8 फीसदी क्रोनिक रेस्पिटरी डिजीज और
- 7.6 फीसदी कैंसर मरीज हाई रिस्क पर हैं।
डॉ. एसके अग्रवाल नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष, एम्स दिल्ली
नागरिकों का सहयोग मिल रहा है। यही वजह है कि भारत कम समय में ही कोरोना को आइसोलेट कर पाया। किडनी मरीजों को सतर्कता की जरूरत है। घर पर ही रहें। सफाई का पूरा ध्यान रखें। परहेज जरूर करें। गाइडलाइन का अच्छे से पालन करें।
डॉ. हिमांशु वर्मा, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष, सफदरजंग अस्पताल
क्रोनिक किडनी रोग के मरीजों में कोरोना घातक साबित हो रहा है। ये मरीज पहले से डायलिसिस पर होते हैं। इसीलिए इन्हें सावधानी बरतने को गाइडलाइन जारी की है। जो किडनी के मरीज हैं उन्हें जुकाम, बुखार, गले में दर्द, सांस में कठिनाई, बदन दर्द पर ध्यान देना है।
डॉ. राकेश यादव, वरिष्ठ कार्डियोलॉजिस्ट, एम्स दिल्ली
मधुमेह, हाइपरटेंशन और हार्ट के रोगियों को सबसे ज्यादा बचाव की आवश्यकता है। जिन मरीजों की हार्ट सर्जरी हो चुकी है, पेसमेकर लगा हो या स्टेंट इत्यादि की प्रक्रिया से गुजरें हो, उन्हें अपने घरों में ही रहकर सरकार की हर सलाह का पालन करना है। साथ ही वीडियो कॉल के जरिए डॉक्टर से परामर्श जरूर लेते रहें।