फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैसे सुधरेंगे हालात: मई के दूसरे सप्ताह में अस्पतालों में गहरा सकता है ऑक्सीजन संकट

Sat, 08 May 2021 08:03 AM IST
Kuldeep Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

  • केंद्र के ऑक्सीजन फार्मूले के अनुसार, 8.5 फीसदी मरीजों को ऑक्सीजन बेड, जबकि 3 फीसदी को आईसीयू की जरूरत पड़ रही है। इस लिहाज से सप्ताह में 11,000 मेट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत होगी
विज्ञापन
अस्पताल में ऑक्सीजन लेते हुए मरीज - फोटो : पीटीआई
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मेडिकल ऑक्सीजन का संकट देश में कम होने की बजाए आने वाले सात दिनों में और गहरा सकता है। आईआईटी कानपुर और हैदराबाद के वैज्ञानिकों का आकलन है कि मई के दूसरे सप्ताह तक सक्रिय मामलों की संख्या  41 लाख पार हो जाएगी। इससे अस्पताल में ऑक्सीजन की मांग बढ़ेगी।

विज्ञापन


केंद्र के ऑक्सीजन फार्मूले के अनुसार, 8.5 फीसदी मरीजों को ऑक्सीजन बेड, जबकि 3 फीसदी को आईसीयू की जरूरत पड़ रही है। इस लिहाज से सप्ताह में 11,000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की जरूरत होगी। चिंताजनक बात यह है कि केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को 21 अप्रैल को बताया था कि देश में रोज 9000 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है।

इसमें से 8500 मीट्रिक टन का उपयोग चिकित्सा क्षेत्र के लिए हो रहा है। अनुमान है कि रोजाना 2200 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का संकट है। मई के तीसरे सप्ताह तक ये संकट कुल 32,000 मीट्रिक टन का होगा। विश्लेषकों का अनुमान है कि जो मरीज अस्पताल जा रहे उन्हें 15 दिन में औसतन 220 किलोग्राम ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है।
विज्ञापन


1.45 लाख मरीजों को ऑक्सीजन मिलना मुश्किल
32 हजार मीट्रिक टन का मतलब है कि देश भर में 1.45 लाख मरीजों को ऑक्सीजन मिलना मुश्किल होगा। 30 अप्रैल को केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उसके पास कुछ 51,000 मीट्रिक टन औद्योगिक ऑक्सीजन स्टॉक है। इसमें से 19,871 मीट्रिक टन तरल मेडिकल ऑक्सीजन है।

सेना को सौंपे जाए ऑक्सीजन प्लांट 
ऑक्सीजन सपोर्ट वाले मरीजों की संख्या बढ़ते देख हरियाणा सरकार के हाथ-पांव फूल गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने राज्य के ऑक्सीजन प्लांट की सुरक्षा व प्रबंधन का जिम्मा सेना या अर्धसैनिक बलों को देने की मांग की है। उन्होंने चिंता जताई, किसी कारण से प्लांट की क्षमता प्रभावित हुई तो हजारों मरीजों की जान मुश्किल में पड़ जाएगी। राज्य के अस्पतालों में 60 प्लांट लगाने की घोषणा हो चुकी है।

गुजरात
अहमदाबाद के कोविड अस्पताल में नौसैनिक तैनात

स्वास्थ्य व्यवस्था पटरी पर रखने के लिए अहमदाबाद के धन्वंतरि स्थित पीएम केयर्स कोविड अस्पताल में वेस्टर्न नेवल कमांड के चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े 40 जवानों को तैनात किया गया है। 2 महीने के लिए जवानों को तैनात किया गया है जिससे कोरोना मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके। इनमें डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी शामिल है।

मध्यप्रदेश
शादी में शामिल दो कोरोना मरीज गिरफ्तार

  • निवाड़ी में नियमों को धता बताकर शादी में पहुंचे दो कोरोना मरीज अरुण मिश्रा व स्वरूप सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दोनों कोविड केयर सेंटर में भर्ती थे। 
  • गुजरात से रेमडेसिविर इंजेक्शन की खेप लेकर ग्वालियर पहुंचा सरकारी विमान रनवे पर फिसल गया। हादसे में दो पायलट समेत एक अधिकारी घायल हो गए।

बिहार
अस्पताल के लिए सेना ने संभाली कमान

  • पटना के ईएसआईसी अस्पताल में 500 बेड पर कोरोना मरीजों को इलाज देने के लिए सेना ने कमान संभाल ली। 3 दिन में अस्पताल चालू हो जाएगा। अस्पताल में गंभीर मरीजों के लिए 100 बेड की आईसीयू भी होगी।
  • पूर्वोत्तर स्थित आर्मी बेस से सेना के दो अस्पतालों की टीम ने काम शुरू कर दिया है। टीम में चिकित्सकीय दल समेत कुल 80 सैन्य कर्मी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें