भारतीय सेना ने भी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में पूरी ताकत झोंक रही है। एक तरफ, नौसेना के छह जहाज मालदीव, अफगानिस्तान, नेपाल, भूटान, श्रीलंका व बांग्लादेश की आपात मदद पहुंचाने को तैयार हैं। वहीं, सेना, नौसेना व वायुसेना के स्कूलों को क्वारंटीन सेंटर व अस्पतालों में बदलने की तैयारी है। इसे लेकर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत सीधे पीएम नरेंद्र मोदी, स्वास्थ्य मंत्री और कैबिनेट सचिव के संपर्क में हैं।
सेना ने अपने अस्पतालों के लिए डीआरडीओ को 370 वेंटिलेटर का आर्डर दिया है। वायुसेना का परिवहन विभाग दवाइयां, मेडिकल उपकरण और जरूरी सामान को पहुंचाने का मुख्य जरिया बना हुआ है। इमरजेंसी के लिए 20 विमान और 21 हेलिकॉप्टर को स्टैंड बाई पर रखा गया है।
जनरल रावत ने कहा, भारत को लॉकडाउन की अवधि तक कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ना ही होगा। इसके बाद की स्थिति से निपटने की तैयारी अगर पुख्ता नहीं हैं तो देश को अप्रत्याशित दिक्कतें झेलनी पड़ेंगी। सेना हर स्थिति से निपटने को तैयार है।