डॉ. पांडव और एम्स के निदेशक गुलेरिया, दोनों ने ही सरकार को हालात काबू करने के लिए सामुदायिक निगरानी और सर्विलांस को मजूबत करने की जरूरत जताई। डॉ. पांडव ने कहा, अब सरकार को संक्रमण पर काबू पाने के लिए मजूबत सर्विलांस सुनिश्चित करना होगा। एम्स निदेशक ने भी माना कि महामारी के फैलाव पर काबू करने के लिए उन इलाकों में ज्यादा मजबूत सर्विलांस की आवश्यकता है, जहां प्रवासियों की वापसी हो रही है।
कन्फेडरेशन ऑफ मेडिकल एसोसिएशन ऑफ एशिया एंड ओसेनिया (सीएमएएओ) के अध्यक्ष डॉ. केके अग्रवाल ने कहा, यदि प्रवासियों का बिना उचित सोशल डिस्टेंसिंग के आना जारी रहा तो आने वाले दिनों में संक्रमण के मामलों में और ज्यादा उछाल आएगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अग्रवाल ने कहा, अगले 10 दिन में संक्रमितों की संख्या 2 लाख के पार हो जाएगी।
तीसरे लॉकडाउन के अंत तक संक्रमण में बढ़ोतरी रहना और चौथे लॉकडाउन में भी इसका जारी रहना दिखाता है कि लोगों ने आवश्यक शारीरिक दूरी का पालन नहीं किया है। उन्होंने कहा, मई के अंत में तेज तापमान के बावजूद संक्रमित मामलों की बढ़ती संख्या का मतलब है कि मानव से मानव में संक्रमण का स्थानांतरण किसी सतह से मानव में पहुंचने के मुकाबले ज्यादा हो रहा है।