देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कोरोना के कहर के बीच बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने प्राइवेट अस्पतालों को अपने कब्जे में ले लिया है। मुंबई के प्रसिद्ध बाम्बे अस्पताल, नानावटी अस्पताल, ब्रीच कैंडी अस्पताल आदि सहित अन्य अस्पतालों के 80 फीसदी बेड पर अब कोरोना संक्रमितों का ही इलाज होगा। क्योंकि इन अस्पतालों के बेड कोरोना मरीजों के लिए रिजर्व हो गए हैं।
एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष और कैबिनेट मंत्री जयंत पाटिल ने बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि मुंबई में जिस तरह से मरीजों की संख्या दिनोदिन बढ़ रही है उसको देखते हुए बड़ी तैयारी की गई है। प्रशासन की ओर से एहतियातन कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों के 80 फीसदी बेड अपने अधिकार में लेने के साथ ही बीएमसी ने 330 एंबुलेंस की व्यवस्था की है।
बांद्रा-कुर्ला कांप्लेक्स स्थित एमएमआरडीए ग्राउंड में बनाए गए सेंटर में कोरोना मरीजों के लिए 1028 बेड की व्यवस्था है, जहां मरीजों के लिए ऑक्सीजन की सुविधा भी उपलब्ध होगी। जिन कोरोना संक्रमित मरीजों को आईसीयू में रखने की आवश्यकता होगी उसे पास में ही स्थित एशियन हार्ट हास्पिटल में भर्ती किया जाएगा।
वहीं, आने वाले कुछ दिनों में गोरेगांव के नेस्को एक्जीबिशन सेंटर में 2800 बेड की व्यवस्था की जाएगी। कोरोना का हॉटस्पॉट बन चुके पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे के विधानसभा क्षेत्र वर्ली में, महालक्ष्मी स्थित रेसकोर्स में भी 1000 कोरोना मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था की जा रही है। यहां आईसीयू सेंटर भी बनाया जा रहा है। इसके अलावा वेलिंगडन क्लब में 400 बेड सहित दहिसर से लेकर मुलुंड के दरम्यान कुल 10 हजार बेड कोरोना संक्रमितों के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे।
मेडिकल कॉलेजों से मुंबई बुलाए जा रहे हैं डॉक्टर
मुंबई में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या के आधार पर बेड आदि की व्यवस्था के साथ ही डॉक्टर, नर्स और स्वास्थ्य कर्मियों की भी आवश्यकता है। चिकित्सा शिक्षा विभाग के निदेशक डॉ. तात्याराव लहाने ने कहा कि इसके लिए मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों को बुलाया गया है।
कोरोना अस्पताल घोषित सेवन हिल्स में वर्धा शासकीय मेडिकल कॉलेज से और बीकेसी में तैयार किए गए कोरोना सेंटर में मरीजों की देखभाल के लिए अंबाजोगाई के निवासी डॉक्टरों की सेवा ली जा रही है। आमतौर पर 100 बेड वाले अस्पताल में 12 डॉक्टर, 16 नर्स और चतुर्थश्रेणी कर्मी सहित स्वास्थ्य कर्मियों की जरूरत होती है।
इसके मद्देनजर 1500 आयुष डॉक्टरों की व्यवस्था की गई है। केईएम, नायर, सायन अस्पताल के अलावा जेजे अस्पताल से नर्सिंग की तृतीय वर्ष की प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 200 नर्स जल्द ही सेवा में शामिल होंगी। जिन्हें 20 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा।