एक तरफ जहां भारत में कोविड19 से स्वस्थ होने की दर 95.99 फीसदी हो गई है, तो वहीं कोरोना के नए स्ट्रेन ने एक नई चिंता पैदा कर दी है। ब्रिटेन से भारत लौटे कई लोगों में वायरस के 'नए रूप' के संक्रमण की पुष्टि हुई है।
क्या हैं लक्षण
शरीर में दर्द एवं पीड़ा, गले में खराश, आंख आना, सिरदर्द, डायरिया, त्वचा पर रैशेज पड़ना, पैर की उंगलियों का रंग बिगड़ना कोरोना के नए स्ट्रेन के मुख्य लक्षण हैं। कुछ अन्य शोधकर्ताओं ने भी इसकी पुष्टि की है। शोधकर्ताओं ने विस्तृत आंकड़ों का भी अध्ययन किया है। इसमें उन्होंने पाया कि कोरोना की प्रकृति में पहला बदलाव सितंबर में ब्रिटेन के केंट में दर्ज किया गया था। कोरोना वायरस का दूसरा पैटर्न दक्षिण अफ्रीका में मिला था। इसके बाद दुनिया के कई देशों में कोरोना का यह स्ट्रेन मिल चुका है।
अनुवांशिक कोड में भी बदलाव
वायरस की प्रकृति में चार नए बदलाव देखे गए हैं। इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने आनुवंशिक कोड में छह बदलावों की भी खोज की है। इसके 12 में से नौ परिवर्तनों को गंभीर माना जाता है। उन्होंने ने नए स्वरूप के आनुवंशिक कोड में छह बदलावों का उल्लेख किया है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आनुवंशिक कोड में परिवर्तन मामूली हैं, लेकिन 12 अन्य जीनों का प्रभाव गंभीर हो सकता है।
वायरस के लक्षणों पर बड़ा अध्ययन
कोरोना वायरस के लक्षणों पर बड़ा अध्ययन हुआ है। इस अध्ययन को कनाडियन मेडिकल एसोसिएशन जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इसमें 70 हजार मरीजों के डाटा के आधार पर संक्रमण के लक्षणों को श्रेणीवार बताया गया है। शोधकर्ताओं ने लोगों के डाटा को तीन श्रेणियों में विभाजित किया है। पहला आउट पेशेंट, दूसरा इनपेशेंट और तीसरा आईसीयू में भर्ती मरीज। इन तीनों मरीजों के बीच में अंतर जानने की कोशिश की गई। 70,288 लोगों में से 53.4 फीसदी अस्पताल में भर्ती हुए। 4.7 प्रतिशत लोग आईसीयू में भर्ती हए और शेष 46.6 फीसदी आउट पेशेंट थे।