विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार
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कोरोना वायरस के प्रकोप से निपटने के लिए विदेश मंत्रालय ने प्रयास तेज कर दिए हैं। गुरुवार को विदेश मंत्रालय की ओर से किए जा रहे इन प्रयासों की जानकारी दी गई। मंत्रालय ने बताया कि उसके कंट्रोल रूम में 25-30 लोग काम कर रहे हैं। कंट्रोल रूम को रोज 400 ई-मेल और 1000 कॉल मिल रहे हैं।
मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि हम सार्क नेताओं के साथ पीएम की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान घोषित प्रस्तावों पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। आपातकालीन निधि भी दी जा रही है। हमें अन्य सार्क देशों से मास्क, दस्ताने आदि के रूप में कई अनुरोध प्राप्त हुए हैं।
उन्होंने पाकिस्तान के सार्क देशों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पाकिस्तान की ओर से कश्मीर मुद्दा उठाए जाने को लेकर कहा कि यह मंच वैश्विक महामारी से निपटने के प्रयासों को साझा करने के लिए था। यह एक मानवीय मंच था, जिसका पाकिस्तान ने दुरुपयोग किया।
इस दौरान दम्मू रवि ने कहा कि हम इस सप्ताह के अंत में इटली से भारतीयों के अगले जत्थे को निकालने की योजना बना रहे हैं। इस पर आगे बढ़ने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ मिलकर काम किया जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि हमने ईरान में बेहद गंभीर स्थिति के बीच 590 लोगों को निकाला है। ईरान में कोरोनो वायरस से संक्रमित भारतीयों को अलग कर दिया गया और उनकी अच्छी तरह देखभाल की व्यवस्था की गई है। हमें विश्वास है कि वे ठीक हो जाएंगे और हम उन्हें वापस लाएंगे।