राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कैदियों को रिहा करने पर उच्चतम न्यायालय के आदेश की गलत व्याख्या करने के आरोपों को लेकर महाराष्ट्र सरकार और राज्य के कारागार प्रमुख को नोटिस जारी किये हैं। आयोग की कारागार निगरानीकर्ता माजा दारूवाला द्वारा एक शिकायत दर्ज किये जाने के बाद ये नोटिस जारी किये गये।
आयोग ने एक बयान में कहा, ‘राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने एक शिकायत का संज्ञान लिया है, जिसमें कहा गया है कि महाराष्ट्र सरकार ने कैदियों की रिहाई के बारे में अनुपयुक्त रुख अपनाया, जो कोविड-19 से कई कैदियों के संक्रमित होने का कारण बन सकता है।'
एनएचआरसी ने कहा कि इस विषय में उच्चतम न्यायालय के निर्देशों की गलत व्याख्या करते हुए महाराष्ट्र सरकार ने जेलों में भीड़ कम करने की एक नीति अपनाई। आयोग ने कहा कि उसने राज्य के मुख्य सचिव और महानिदेशक (कारागार) को शिकायत की प्रति भेज कर चार हफ्तों के अंदर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।