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कोरोना वायरस का 'सुपर स्प्रेडर' है बेहद खतरनाक, हजारों लोग एक बार में हो सकते हैं इसके शिकार

Sun, 28 Jun 2020 02:05 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

  • खतरनाक वायरस के चपेट में आने से पूरे विश्व में एक करोड़ से अधिक लोग संक्रमित
  • यूरोप में अब संक्रमण कम हो रहा है लेकिन एशिया और लैटिन अमेरिका में तेजी से फैल रहा है
  • सुपर स्प्रेडर दुनिया के सभी देशों में संक्रमण फैलाने के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : social media
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विस्तार
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दुनियाभर में कोरोना वायरस का कहर लगातार जारी है। इस खतरनाक वायरस के चपेट में आने से पूरे विश्व में एक करोड़ से अधिक लोग संक्रमित हो गए हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा है कि खतरा अब और ज्यादा बढ़ने वाला है, लोगों को सावधान रहने की जरूरत है। 

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यूरोप में अब संक्रमण कम हो रहा है लेकिन एशिया और लैटिन अमेरिका में तेजी से फैल रहा है। लोग संक्रमण से बचने के लिए तरह तरह के उपाय कर रहे हैं लेकिन फिर भी वे इसके चपेट में आ जाते हैं।  कुछ विशेषज्ञों के अनुसार अगर संक्रमण पर काबू पाना है तो सुपर स्प्रेडर से बचना बहुत जरूरी है। सुपर स्प्रेडर दुनिया के सभी देशों में संक्रमण फैलाने के लिए बेहद खतरनाक माना जा रहा है।

कौन है सुपर स्प्रेडर 

जब एक मरीज से कई लोग संक्रमित होते हैं तो उस मरीज को सुपर स्प्रेडर माना जाता है। कई देशों में ऐसे ही सुपर स्प्रेडर की वजह से मामले बहुत तेजी से बढ़ने लगे हैं। 2011 में हुए एक अध्ययन के अनुसार किसी महामारी के दौरान 80% लोगों को संक्रमित करने के मात्र 20% लोग जिम्मेदार होते हैं। यही लोग सुपर स्प्रेडर होते हैं। इनकी एक ड्रॉपलेट में आम मरीज से 10 से 100 गुना ज्यादा वायरस हो सकते हैं।

वहीं अमेरिका की संक्रामक रोग विशेषज्ञ एलिजाबेथ मैक्ग्रॉ ने बताया था कि पिछले दो दशकों में अमेरिका में खसरा का प्रकोप शुरू हुआ है। यह ऐसी बीमारी है जिस पर पूरी तरह से काबू था, लेकिन सुपर स्प्रेडरों की वजह से एक बार फिर इसका प्रकोप फैला। 

जानिए भारत में कौन बना सुपर स्प्रेडर

भारत के कई राज्यों में सुपर स्प्रेडर के मामले सामने आए हैं। जिसने सावधानी न बरतते हुए सैकड़ों लोगों को संक्रमित कर दिया। अब  हम आपको बताने जा रहे हैं कि कैसे कुछ राज्यों में सुपर स्प्रेडर ने तबाही मचाई।

पंजाब

मार्च की शुरुआत में इटली और जर्मनी की यात्रा करके पंजाब लौटे एक बुजुर्ग सुपर स्प्रेडर बने। इस दौरान भारत में केवल 640 मामले थे। बुजुर्ग ने क्वारंटीन होने की सलाह नहीं मानी। वह सिख त्योहारों और बड़े आयोजनों में शामिल हुए। इसके बाद उनकी तबीयत खराब हुई अस्पताल में मौत हो गई। उनके19 रिश्तेदार तो तुरंत संक्रमित पाए गए। पुलिस ने उनकी चपेट में आने वाले 550 लोगों को पहचाना, जिसमें कई संक्रमित पाए गए। 

दिल्ली  

मई की शुरुआत में ही दिल्ली के कापसहेड़ा इलाके में एक बिल्डिंग से 41 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले थे। ये लोग भी एक ही मरीज के संपर्क में आने से संक्रमित हुए

जयपुर

जून में जयपुर के सुभाष चौक से एक ही मकान से 26 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई। यहां भी संक्रमण सुपर स्प्रेडर से ही फैला

आंध्रप्रदेश का काकीनाडा

आंध्रप्रदेश के काकीनाडा में 53 साल के 'सुपर-स्प्रेडर' के मंदिर में जाने से 150 से ज्यादा लोगों में कोरोना संक्रमण हो गया। उस व्यक्ति की पिछले 20 मई को ही कोरोना के चलते मौत हो चुकी है लेकिन संपर्क में आने वाले कई लोगों को संक्रमित कर गया।

गुजरात के अहमदाबाद में मिले 334 'सुपर स्प्रेडर'

गुजरात के अहमदाबाद में अभी तक कोरोना वायरस के 334 'सुपर स्प्रेडर्स' (ज्यादा लोगों में संक्रमण फैलाने वाले शख्स) पाए गए थे। एक अधिकारी ने बताया कि यह एक मुख्य कारण है जिस वजह से यहां किराना और सब्जियों की दुकानों को 15 मई तक बंद करने का फैसला किया गया है। 

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जानिए दुनिया के और देशों में सुपर स्प्रेडर कैसे हुआ खतरनाक साबित

दक्षिण कोरिया फिर से हुआ सुपर स्प्रेडर का शिकार

दक्षिण कोरिया में अप्रैल तक कोरोना संक्रमितों की संख्या न के बराबर थी और मई में अचानक से मामले तेजी से बढ़ने लगे। दरअसल मई के पहले हफ्ते में ही सियोल में एक 29 साल का कोरोना पॉजिटिव युवक नाइट क्लब में गया और उसने वहां उपस्थित 229 लोगों को संक्रमित कर दिया। प्रशासन को आनन-फानन में संपर्क में आए सात हजार से ज्यादा लोगों की तुरंत जांच करवानी पड़ी और फिर से मॉल, नाइट क्लब और बार सभी बंद करने पड़े।

वहीं सबसे पहले यहां पर संक्रमण की शुरुआत एक महिला सुपर स्प्रेडर से हुई थी। फरवरी की शुरुआत में यहां संक्रमण के केवल दो मामले थे। 15 फरवरी को एक महिला दाएगू शहर के एक चर्च में प्रार्थना के लिए शामिल हुई और फिर वह कोरोना संक्रमित पाई गई। चर्च में इसके संपर्क में आने से 29 लोग कोरोना पॉजिटिव मिले। इसके दो हफ्ते बाद साउथ कोरिया में 2900 से ज्यादा लोग संक्रमित हो गए। 

चीन भी सबसे पहले हुआ सुपर स्प्रेडर का शिकार

जनवरी के महीने में चीन में भी एक मरीज ने ही 14 स्वास्थ्य कर्मचारियों को संक्रमित कर दिया था। 

अमेरिका का गार्बुज आया सुपर स्प्रेडर की चपेट में 

न्यूयॉर्क शहर में 27 फरवरी को गार्बुज नाम के एक आदमी को निमोनिया जैसे लक्षण मिलने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई और फिर एक हफ्ते के भीतर न्यूयॉर्क में 170 लोग संक्रमण के शिकार हो गए। जिसमें गार्बुज की पत्नी और दो बच्चे शामिल थे।अधिकतर लोग गार्बुज के संपर्क में आने से संक्रमित हुए थे। यहां गार्बुज को सुपर स्प्रेडर माना गया। 

सुपर स्प्रेडर के कारण इटली बना कोरोना वायरस का केंद्र

यहां पर संक्रमण फैलने की मुख्य वजह चैम्पियंस लीग का एक मैच था। यह मुकाबला 19 फरवरी को अटलांटा और वेलेंसिया के बीच मिलान शहर के सैन सीरो स्टेडियम में खेला गया था। इस दौरान करीब 50 हजार दर्शक मैच देखने आए थे। इस मैच के दो दिन बाद ही इटली में इस वायरस के स्थानीय संक्रमण से पहली मौत का मामला सामने आया। इसके बाद हालात इस कदर बेकाबू हुए कि इटली का यह शहर कोरोनावायरस का केंद्र बन गया। इसे भी सुपर स्प्रेडर का मामला बताया जाता है।

डब्ल्यूएचओ ने सुपर स्प्रेडर पर नहीं दी जानकारी

डब्ल्यूएचओ ने अभी तक सुपर स्प्रेडर के बारे में कुछ नहीं कहा है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ये ऐसे मरीज होते हैं जो आम मरीजों की तुलना में कहीं ज्यादा संक्रमण फैलाते हैं। उन्होंने बताया कि हर एक व्यक्ति का शरीर अलग होता है। कुछ लोग ऐसे होते हैं, जिनमें वायरस बहुत ज्यादा होता है।

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