ग्राम पंचायतों में कोरोना के संक्रमण के रोकने सोडियम हाइपो क्लोराइड के छिड़काव हेतु पंचायत समिति स्तर से स्वीकृति जारी करावाई, तब जाकर सोडियम हाइपो क्लोराइड ग्राम पंचायतों को उपलब्ध कराया जाए क्योंकि यह बाजार में उपलब्ध नहीं हो रहा है।
ग्राम पंचायतों में वित्तीय वर्ष 2019-2020 में एसएफसी की कोई भी राशि प्राप्त नहीं हुई है। आमजन में खाद्य सामग्री को लेकर गांवों में माहौल खराब किया जा रहा है। स्थानीए दुकानदार मनमाने दामों पर लोगों से राशि वसूल रहे है। ऐसे दुकानदार लोगों के खिलाफ विशेष कार्यवाही कि जाए।
आदिवासी इलाका होने के कारण यहां बांसवाड़ा के कुछ गावों में संक्रमण फैलने का एक सम्भावित कारण अवैध शराब की दुकानें भी बन सकती हैं, जो शाम के समय खुली रहती है। इन पर बहुत ज्यादा भीड़ रहती है।
ऐसी दुकानों और शराबियों से आमजन भी परेशान है। गांव वाले रोकते है तो ये लोग झगड़े-मारपीट पर उतारू हो जाते है। इनका पूर्णतया बंद होना ही बेहतर होगा।
ग्राम पंचायतों में 200-200 सूखे भोजन के पैकेट भामाशाहों के माध्यम से रखने को आदेशित किया गया है, जबकि बांसवाड़ा में बिखरी बस्ती की ग्राम पंचायतों में ज्यादातर लोग गरीब हैं। इनमें भामाशाह ही नहीं मिल पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में यह व्यवस्था उपखंड स्तर या पंचायत समिति स्तर पर भामाशाहों से करवाई जाए तो बेहतर होगा।