देश में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में लॉकडाउन की घोषणा कर दी है। पैसेंजर ट्रेनें भी 31 मार्च तक के लिए रद्द कर दी गई हैं। ऐसे में कई लोग अपने गंतव्यों तक नहीं पहुंचे हैं। ऐसे में भारतीय रेलवे ने उन्हें थोड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। इसके तहत अब यात्री रेलवे की सेवाओं के बहाल होने तक प्रतीक्षा कक्ष में ठहर सकेंगे।
पीटीआई के अनुसार रेलवे अधिकारियों की तरफ से यह निर्देश जारी किए गए हैं। सामान्य सेवाएं फिर से बहाल हो जाने तक रिटायरिंग रूम में यात्री ठहर सकते हैं। सभी स्टेशन मास्टरों को इस संबंध में आदेश दिए गए हैं। बता दें कि भारतीय रेलवे के इतिहास में पहली बार कई दिनों के लिए ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।
बता दें कि देश में कोरोना वायरस लगातार पैर पसारता जा रहा है। इसके अब तक 415 मामले सामने आ चुके हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए ही भारतीय रेलवे ने 31 मार्च पर सभी पैसेंजर ट्रेनें रद्द कर दी थीं। साथ ही 21 जून तक किराया वापसी के नियमों में भी ढील दी है। रेलवे ने हालांकि अपनी मालगाड़ियों की सेवा को बहाल रखा है।
रेलवे के फैसले से करीब साढ़े 12 हजार ट्रेनों का संचालन रुकेगा। इसके अलावा 500 उपनगरीय क्षेत्रों में ट्रेनों को संचालन प्रभावित होगा। बता दें कि दूसरी ओर रविवार को जनता कर्फ्यू के दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी की अपील का समर्थन करते हुए अपने घरों में रहकर ताली-थाली बजाकर चिकित्सा कर्मियों को धन्यवाद दिया।
21 जून तक किराया वापसी के नियम में ढील
टिकट बुकिंग कैंसिल होने पर रेलवे ने किराया वापसी के नियम में ढील दी है। रेलवे ने एक बयान में कहा है कि 31 मार्च तक जो ट्रेनें कैंसिल हुई हैं उसका फुल रिफंड 21 जून 2020 तक क्लेम कर सकते हैं।
मालगाड़ियों पर रोक नहीं
सामानों की आपूर्ति में दिक्कत ना हो इसलिए रेलवे ने मालगाड़ी का संचालन जारी रखा है। बता दें कि रेलवे रोज 9000 मालगाड़ी का संचालन करती है। इसके अलावा 9000 पैसेंजर्स ट्रेन और 3500 मेल एक्सप्रेस का संचालन होता है।