कोरोना के चलते परिचालन निलंबित होने से सरकार के स्वामित्व वाली विमानन कंपनी एयर इंडिया को रोजाना 30-35 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। एक सूत्र के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। विभिन्न देशों के बीच लोगों की आवाजाही पर सख्ती होने के साथ ही कई देशों ने कोविड-19 के चलते अपने-अपने क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के आने पर प्रतिबंध लगा दिया है। भारत ने भी उड़ान पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है।
एक सूत्र ने कहा, ‘सरकार के आदेश के क्रम में हम अन्य घरेलू विमानन कंपनियों के साथ एक भी वाणिज्यिख उड़ान का परिचालन नहीं करेंगे। इससे हमें रोजाना 30-35 करोड़ रुपये का नुकसान होगा।’ उन्होंने कहा, ‘भले ही परिलाचन बंद रहने के दौरान ईंधन, ग्राउंड हैंडलिंग, हवाई अड्डा शुल्क जैसी लागत का बोझ नहीं पड़ेगा, लेकिन हमें कर्मचारियों को वेतन और भत्तों, पट्टे किराये, न्यूनतम रखरखाव के अलावा ब्याज भुगतान आदि के लिए खर्च करना पड़ेगा।’ एयर इंडिया की प्रति दिन कुल आय 60-65 करोड़ रुपये है और इसमें से 90 प्रतिशत यात्री राजस्व से आती है।
उन्होंने कहा, ‘खर्च भी लगभग इसी दायरे में है। इसलिए हम सकारात्मक ब्याज, कर, मूल्यह्रास और मौद्रीकरण (एबिटडा) अर्जित कर रहे हैं या अपने सभी खर्चों की भरपाई की राह पर हैं।’ एयर इंडिया का हर महीने का वेतन बिल लगभग 250 करोड़ रुपये है, जबकि हवाई जहाजों के पट्टे किरायों के एवज में हर महीने 3 करोड़ डॉलर का भुगतान करना होता है।