कोरोना वायरस (फाइल फोटो)
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नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं लोग
जिस समय न्यूजीलैंड में कोरोना संक्रमितों की संख्या 102 पर पहुंची वहां तभी से एहतियात बरतने और कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए। जबकि भारत में 175 मामले सामने आने के बाद कड़े कदम उठाए गए। कई जगहों पर धारा 144 लागू की गई तो 22 मार्च को जनता कर्फ्यू लगाया गया। दोनों देशों के बीच सबसे बड़ा अंतर यह देखने को मिला कि जहां न्यूजीलैंड के लोगों ने आइसोलेशन को समझा और लॉकडाउन को गंभीरता से लिया वहीं भारत में ऐसा कम ही नजर आया। लोग आज भी लॉकडाउन को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। जबकि उन्हें बार-बार सामाजिक दूरी के बारे में बताया जा रहा है कि कोरोना को रोकने का यही उपाय है। देशभर में जगह-जगह लॉकडाउन का उल्लंघन करने वाले लोग सामने आ रहे हैं।
तब्लीगी जमात ने भी बढ़ाई संख्या
भारत में कोरोना संक्रमितों की संख्या में आई तेजी का एक कारण तब्लीगी जमात भी है। स्वास्थ्य मंत्रालय का भी कहना है कि देश के कुल कोरोना मरीजों की संख्या में 30 से 35 फीसदी का योगदान तब्लीगी जमात का है। वहीं न्यूजीलैंड में ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया। भारत में जहां अब तक 199 लोगों की मौत हो चुकी है वहीं न्यूजीलैंड में केवल दो लोगों की जान गई है।