विश्व में इस गति से तीन लाख हुए कोरोना के मामले
- फोटो : अमर उजाला (ग्राफिक्स ईशान जैन)
सर्वाधिक आबादी वाला देश होने के बावजूद भारत टॉप-4 देशों के मुकाबले सबसे धीमी गति से यहां तक पहुंचा। अमेरिका में सबसे तेज 76 दिन में तीन लाख से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटव हो गए थे। 19 जनवरी को वहां कोविड का पहला मामला आया था, जिसके 72 दिन बाद दो लाख और उसके चार दिन बाद ही यानी 4 अप्रैल को यह आंकड़ा तीन लाख मरीज तक पहुंच गया।
- ब्राजील में 85 दिन में तीन लाख मरीज हुए। 26 फरवरी को यहां कोरोना का पहला मामला आया था और 21 मई को संक्रमितों की संख्या तीन लाख पहुंच गई।
- रूस में 90 दिन में तीन लाख मरीज हुए। 31 जनवरी को कोरोना का पहला मामला आया दर्ज किया गया था और 20 मई को कुल मरीजों की संख्या तीन लाख हो गई।
- वहीं 30 जनवरी को पहला मामला दर्ज होने के बाद भारत 134 दिन बाद तीन लाख के खतरनाक आंकड़ों को छूना वाला चौथा और सबसे धीमा देश बन जाएगा।
(आंकड़े वर्ल्डोमीटर)
देश में शुक्रवार को संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,97,535 हो गए, जबकि संक्रमितों में से और 396 लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 8,498 हो गया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक शुक्रवार सुबह आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 10,956 नए मामले सामने आए। 'वर्ल्डोमीटर' के मुताबिक कोरोना वायरस के मामलों के लिहाज से गुरुवार को भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ दुनिया का चौथा सबसे अधिक प्रभावित देश बन गया।
- भारत में अब तक 49.47 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो चुके हैं
- 8,498 संक्रमितों में सर्वाधिक 3,590 लोगों की मौत महाराष्ट्र में
- दिल्ली में 1,385, गुजरात में 1,085, प. बंगाल 442 लोगों की मौत
- 70 फीसदी से अधिक मृतक अन्य बीमारियों से भी पीड़ित थे
(आंकड़े स्वास्थ्य मंत्रालय से)