देश के हर एक राज्य में कोरोना वायरस के मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि, कुछ एक ऐसे राज्य हैं, जहां कोरोना संक्रमण के मामले सबसे अधिक है। इनमें गुजरात, दिल्ली, तमिलनाडु और महाराष्ट्र जैसे राज्य शामिल हैं।
दूसरी तरफ, गुजरात में बढ़ रहे संक्रमण की वजह से पश्चिम बंगाल, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ की राज्य सरकारें चिंतित है। इसके पीछे का कारण है कि यहां के दो प्रमुख शहरों अहमदाबाद और सूरत में बड़ी तादाद में इन राज्यों के मजदूर काम करते हैं। इन राज्यों को डर है कि कहीं इन मजदूरों से संक्रमण यहां तक ना आ जाए।
दरअसल, सरकार द्वारा श्रमिक स्पेशल ट्रेन और कुछ स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अनुमति के बाद से बड़ी तादाद में मजदूर अहमदाबाद और सूरत छोड़कर इन राज्यों में पहुंचे हैं। इससे, इन राज्यों में संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
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वहीं, पश्चिम बंगाल सरकार ने बकायदा रेलवे को पत्र लिखकर इन शहरों से आने वाली ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी (आवृत्ति) घटाने की मांग की थी। राज्य सचिव ने रेलवे बोर्ड और पश्चिम मंडल को पत्र लिखकर कहा था कि गुजरात और महाराष्ट्र में रोजाना संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं।
पत्र में कहा गया कि मुंबई से हावड़ा के लिए एक नियमित ट्रेन है। वहीं, अहमदाबाद से वाया सूरत होकर हावड़ा के लिए नियमित ट्रेन है। इस तरह बड़ी संख्या में लोग इन ट्रेनों के माध्यम से राज्य में प्रवेश कर रहे हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ रहा है, इसलिए ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी को कम किया जाए।
रेलवे ने राज्य सरकार की इस मांग को स्वीकार करते हुए अहमदाबाद-हावड़ा मेल को रोजाना की बजाय अब साप्ताहिक कर दिया है। हालांकि, इसकी शुरुआत किस तारीख से होगी, यह नहीं बताया गया है। बता दें कि, यही ट्रेन छत्तीसगढ़ और उड़ीसा के लिए भी नियमित थी। एक जून से देशभर में 230 नियमित ट्रेन स्पेशल बनाकर चलाई जा रही हैं।
वर्तमान में 'अहमदाबाद-हावड़ा मेल' अहमदाबाद से सूरत होकर छत्तीसगढ़ के रायपुर, बिलासपुर और उड़ीसा के राउरकेला, झारसुगुड़ा होकर पश्चिम बंगाल पहुंचती है।