आंकड़ों के अनुसार देश में 20 फीसदी कोरोना मरीज अकेले मुंबई में हैं। लेकिन मरीजों की संख्या के अनुरूप समुचित उपचार की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। वहीं, निजी अस्पतालों ने और भी सिरदर्द बढ़ा दिया है। राज्य सरकार के आदेश के बावजूद प्राइवेट अस्पतालों ने 80 फीसदी बेड मुहैया नहीं कराया है।
वहीं, शुक्रवार को बीएमसी मुख्यालय में भाजपा के पार्षदों ने मूक धरना दिया। बीएमसी में भाजपा दल के नेता पार्षद विनोद मिश्र ने आरोप लगाया है कि कोरोना संक्रमित मरीज बेड, वेंटिलेटर के अभाव में दम तोड़ रहे हैं।
महाराष्ट्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए लॉकडाउन के दौरान सप्ताह में एक दिन कार्यालय में उपस्थित होना अनिवार्य कर दिया गया है। यदि कर्मचारी कार्यालय नहीं पहुंचते हैं तो उन्हें वेतन कटौती का सामना करना पड़ेगा। अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) मनोज सौनिक ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह आदेश आठ जून से लागू होगा।
राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार, सभी सरकारी विभागों को उनसे संबद्ध अधिकारियों और कर्मचारियों का एक रोस्टर तैयार करने के लिए कहा गया है। आदेश के अनुसार स्वीकृत छुट्टी या चिकित्सा अवकाश के कर्मचारियों को छोड़कर सभी कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से सप्ताह में एक दिन कार्यालय पहुंचना होगा। लॉकडाउन के दौरान बिना अनुमति के कार्यालय नहीं पहुंचने वालों के खिलाफ विभागीय प्रमुख द्वारा अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही, यह चेतावनी दी गई कि यदि कोई कर्मचारी निर्धारित दिन कार्यालय में अनुपस्थित रहता है, तो उसके पूरे सप्ताह का वेतन कट जाएगा। गौरतलब है कि महाराष्ट्र में लॉकडाउन 30 जून तक लागू है।