महाराष्ट्र कोरोना की दूसरी लहर की चपेट में है, लेकिन स्थिति चिंताजनक होते हुए भी राज्य में मामलों को ट्रैक करने, टेस्ट करने, लोगों को आइसोलेट व क्वारंटीन करने के बेहद सीमित प्रयास किए गए। ग्रामीण और शहरी इलाकों में कोविड-19 के नियमों के पालन में लापरवाही बरती जा रही है।
केंद्रीय टीम की रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने महाराष्ट्र के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कड़ी नाराजगी जताई है। इसमें कहा गया है कि राज्य में फरवरी से ही संक्रमण की रफ्तार बढ़ने लगी थी, लेकिन राज्य सरकार ने जो उपाय किए, वे नाकाफी थे। रात्रि कर्फ्यू और साप्ताहिक लॉकडाउन का भी खास असर नहीं दिखा।
इस बीच, गुजरात और मध्य प्रदेश में मामले बढ़ने के बाद रात्रि कर्फ्यू लगाने की घोषणा की गई है। गुजरात सरकार ने मंगलवार को अहमदाबाद, सूरत, वडोदरा और राजकोट में रात्रि कर्फ्यू को दो घंटा बढ़ाने का फैसला किया है। अब यहां 31 मार्च तक रात 10 बजे से सुबह छह बजे तक कर्फ्यू रहेगा। पहले इसका समय रात 12 से सुबह 6 बजे तक था।
वहीं, मध्य प्रदेश सरकार ने भोपाल और इंदौर में बुधवार से नाइट कर्फ्यू लगाने का एलान किया है। इनके अलावा जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम, छिंदवाड़ा, बुरहानपुर, खरगोन, बैतूल में दुकानों को रात 10 बजे बंद करने का आदेश दिया गया है। होली पर कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किया जाएगा।
कंटेनमेंट जोन की रणनीति पर हो काम
स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण की ओर से महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सीताराम कुंटे को भेजे पत्र में कहा गया है, कोरोना संक्रमित मरीज मिलने के बाद निगरानी बेहद जरूरी है। कंटेनमेंट जोन के स्तर पर रणनीति अपनाकर संक्रमण को रोका जा सकता है। प्रत्येक सक्रिय मरीज के संपर्क में आए लोगों की तलाश होनी चाहिए। साथ ही बस डिपो, रेलवे स्टेशन, झुग्गी बस्तियों जैसे भीड़ वाले इलाकों में रैपिड एंटीजन टेस्ट शुरू किए जाएं।
पीएम की मुख्यमंत्रियों से आज बैठक
कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच पीएम नरेंद्र मोदी बुधवार को मुख्यमंत्रियों से बैठक करेंगे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये होने वाली बैठक में महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु, गुजरात, पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते ही। बैठक में कोरोना प्रभावित राज्यों का दौरा करने वाली उच्च स्तरीय समितियों की रिपोर्ट भी रखी जाएगी। टीकाकरण शुरू होने के बाद पीएम पहली बार मुख्यमंत्रियों से बात करेंगे। ऐसे में पीएम राज्यों के टीकाकरण की प्रगति और इसमें आने वाली दिक्कतों की भी समीक्षा करेंगे।