कोरोना वायरस से बुरी तरह प्रभावित 20 देशों की सूची में शामिल भारत में हर रोज कोविड-19 से संक्रमित लोगों की संख्या को लेकर रिकॉर्ड बन रहे हैं। हालांकि, प्रतिदिन सामने आ रहे मामलों को देखते हुए अभी तक देश में वायरस चरम स्तर (पीक वैल्यू) पर नहीं पहुंचा है। पीक वैल्यू वो दिन है, जब देश में संक्रमितों की संख्या में सबसे अधिक बढ़ोतरी दर्ज की जाए।
तीन सितंबर को भारत में कोरोना के रिपोर्ट किए गए ताजा मामलों का औसत 77,387 था, जो कि सामने आए 83,883 मामलों के शिखर का 92.3 फीसदी था। कोरोना से प्रभावित शीर्ष 20 देशों में ये आंकड़ा 80 फीसदी भी नहीं था। यूरोपीय केंद्र रोग निवारण और नियंत्रण (ईसीडीसी) के अनुसार, यह अनुपात भारत के लिए सबसे अधिक था।
फिलिस्तीन, इस्राइल, इंडोनेशिया, जॉर्डन, पैराग्वे और इराक को छोड़कर किसी भी अन्य देश में पीक मामलों को लेकर पिछले तीन दिनों का औसत 80 फीसदी से अधिक नहीं था। ये छह देश कोरोना से प्रभावित शीर्ष 20 देशों की सूची में भी शामिल नहीं है।
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उन सभी देशों में संक्रमित लोगों की हर रोज आने वाली संख्या में गिरावट देखी जा रही है, जहां अब तक पांच लाख लोग संक्रमित हो चुके हैं। उदाहरण के लिए, अमेरिका में पिछले तीन दिनों में मामलों का औसत देश के पीक मामलों के आधे से भी कम था। ब्राजील में, वर्तमान स्तर पीक मामलों के दो-तिहाई से कम है।
डाटा को देखने पर पता चलता है कि प्रत्येक देश के लिए पीक मामलों के बाद कितने दिन बीत चुके हैं। कोरोना के अधिकतम मामलों वाले देशों में, अमेरिका ने 40 दिन पहले कोरोना का पीक देखा। वहीं, ब्राजील ने 35 दिन और रूस ने 47 दिन पहले कोरोना का पीक देखा।
इसका ये मतलब नहीं है कि इन देशों में फिर से रोज सामने आने वाले मामलों की संख्या में वृद्धि नहीं होगी, या ये पीक स्तर पर नहीं पहुंचेंगे। उदाहरण के लिए, स्पेन में एक बार फिर मामलों में वृद्धि देखी गई थी, जबकि वहां कोरोना का चरम स्तर गुजर चुका था।