भारत में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन इस बीच एक अच्छी खबर यह है कि देश में कोरोना संक्रमित मरीजों के ठीक होने की संख्या मौजूदा सक्रिय मामलों से ज्यादा हैं।
देश में बुधवार सुबह आठ बजे तक 24 घंटे के भीतर कोरोना वायरस के 9,985 नए मामले सामने आए और 279 लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही देश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 2,76,583 हो गई है और मृतकों का आंकड़ा 7,745 पर पहुंच गया।
Coronavirus in India Live Updates: देशभर में स्वस्थ होने वालों की संख्या सक्रिय मरीजों से ज्यादा, जानें दिनभर के अपडेट्स
जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अमेरिका, ब्राजील, रूस और ब्रिटेन के बाद भारत कोविड-19 से सबसे बुरी तरह प्रभावित पांचवां देश है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में अब भी 1,33,632 मरीजों का इलाज चल रहा है जबकि 1,35,205 लोग स्वस्थ हो गए और एक मरीज देश छोड़कर चला गया। उसने बताया कि अभी तक 48.99 प्रतिशत मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमितों की कुल संख्या में विदेशी भी शामिल हैं।
जिन 279 लोगों की मौत हुई है उनमें से 120 लोगों की महाराष्ट्र में, 33 की गुजरात, 31 की दिल्ली, 21 की तमिलनाडु, 18 की उत्तर प्रदेश, 11 की तेलंगाना, 10 की पश्चिम बंगाल, नौ की राजस्थान, छह-छह लोगों की मध्यप्रदेश और हरियाणा, तीन की जम्मू कश्मीर, दो की पंजाब, कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और आंध्र प्रदेश तथा एक-एक की बिहार, झारखंड और त्रिपुरा में मौत हुई है।
अभी तक इस संक्रामक रोग से कुल 7,745 लोगों की मौत हुई है। इनमें से सबसे अधिक 3,289 लोगों की मौत महाराष्ट्र में हुई। इसके बाद गुजरात में 1,313, दिल्ली में 905, मध्यप्रदेश में 420, पश्चिम बंगाल में 415, तमिलनाडु में 307, उत्तर प्रदेश में 301, राजस्थान में 255 और तेलंगाना में 148 लोगों की मौत हुई।
आंध्र प्रदेश में 77, कर्नाटक में 66 और पंजाब में 55 लोगों ने जान गंवाई। इस बीमारी के कारण जम्मू कश्मीर में 48, हरियाणा में 45, बिहार में 32, केरल में 16, उत्तराखंड में 13, ओडिशा में नौ, झारखंड में आठ और छत्तीसगढ़ में छह लोगों ने दम तोड़ा है।
हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ में कोविड-19 से पांच-पांच लोगों की मौत हुई और असम में अब तक चार लोगों की मौत हुई है। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार मेघालय, त्रिपुरा और लद्दाख में कोविड-19 से एक-एक शख्स की मौत हुई है।
मंत्रालय की वेबसाइट पर बताया गया है कि जिन लोगों की मौत हुई उनमें से 70 प्रतिशत से अधिक मरीज किसी न किसी अन्य बीमारी से भी पीड़ित थे।