एशिया की सबसे बड़ी झुग्गी बस्ती धारावी में कोरोना के नियंत्रण में आने के बाद अब मौत का सिलसिला भी थम गया है। अधिकारियों का दावा है कि 10 दिनों में धारावी में एक भी संक्रमित की मौत नहीं हुई। मध्य मुंबई की झुग्गी बस्ती धारावी में एक अप्रैल को पहला संक्रमित मिला था और उसी दिन उसकी मौत भी हो गई थी। धारावी की घनी बस्ती में प्रत्येक झोपड़पट्टी में आठ से दस लोग रहते हैं।
वहीं, जनसंख्या के अनुपात में यहां सार्वजनिक शौचालयों का भी भारी अभाव है। ऐसी स्थिति में यहां सामाजिक दूरी का पालन करना संभव ही नहीं था। फिर भी बीएमसी ने इस इलाके में दो कोविड सेंटर बनाए जिसमें संक्रमितों को भेजा जाने लगा।
बीएमसी के अनुसार धारावी में ट्रिपल टी फार्मूला और ट्रीटमेंट के जरिए कोरोना पर नियंत्रण की कोशिश की गई। धीरे-धीरे यह फार्मूला काम करने लगा। इस बीच, धारावी से सटे माहिम में 200 बिस्तरों का कोविड सेंटर बनाया गया जहां मरीजों को आक्सीजन की सुविधा मुहैया कराई गई। बीएमसी एपडेमिक सेल के अनुसार अब तक धारावी में 256 की मौत हो चुकी है। इसमें से 67 लोग अप्रैल में, 154 मई में, 37 जून में और सात की मौत जुलाई में हुई।
एक अगस्त के बाद अब तक किसी भी संक्रमित की मौत दर्ज नहीं हुई है लेकिन इस क्षेत्र 88 अब भी संक्रमित हैं।इस बीच, महाराष्ट्र में संक्रमण का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को 11,088 नए संक्रमित सामने आए और बीते 24 घंटे में 256 सक्रमितों की मौत हुई है।
राज्य में अब तक कुल 5,35,601 लोग कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं जिसमें से 3,68,434 लोग स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 18,306 संक्रमितों की मौत हो चुकी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मंगलवार को राज्य में 10,014 मरीजों को अस्पताल से छुट्टी मिल गई।