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देश में कोरोना संक्रमितों में 83 फीसदी पुरुष, ICMR के अध्ययन में हुआ खुलासा

Sat, 11 Apr 2020 03:27 AM IST
योगेश साहू न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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आईसीएमआर के ताजा अध्ययन के मुताबिक भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों में 83 फीसदी पुरुष हैं। - फोटो : PTI
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भारत में कोरोना के 83 प्रतिशत मरीज पुरुष हैं। उनमें भी 81 प्रतिशत मरीज 50 वर्ष से अधिक उम्र के हैं। यह नतीजे इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) के वैज्ञानिकों के कोरोना मरीजों पर किए गए अध्ययन के हैं। इस अध्ययन में आईसीएमआर के 20 वैज्ञानिकों ने देश के 20 राज्यों के 52 जिलों में भर्ती 5911 ऐसे मरीजों का परीक्षण किया जिन्हें सांस लेने में गंभीर समस्या थी। इस अध्ययन के नतीजों को इंडियन जर्नल ऑफ मेडिकल रिसर्च ने छापा है।

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अध्ययन में वैज्ञानिकों ने पाया कि भारत में कोरोना वायरस के मरीजों की औसत उम्र 54 वर्ष है और इनमें से 83.3 प्रतिशत पुरुष है। इसका अर्थ है कि कोरोना संक्रमित महिलाएं 16.7 प्रतिशत हैं। इन मरीजों में 81 प्रतिशत से अधिक लोगों की उम्र 50 वर्ष से ऊपर थी। हालांकि 14वें सप्ताह में किए गए इस अध्ययन में सांस की बीमारी के मरीजों में से केवल 2.6 प्रतिशत लोगों को ही कोविड-19 पॉजिटिव पाया गया।

कोरोना वायरस - फोटो : PTI
हालांकि वैज्ञानिक अभी भी पुरुषों में इतने ज्यादा संक्रमण की वजह नहीं ढूंढ पाए हैं। जाने-माने माइक्रोबायोलॉजी प्रो. प्रत्यूष शुक्ला कहते हैं कि अभी इस वायरस के जीनोम का पूरी तरह विश्लेषण नहीं हो पाया है। इसलिए यह नहीं कहा जा सकता यह महिलाओं से ज्यादा पुरुषों को संक्रमित क्यों कर रहा है।

आईसीएमआर के अध्ययन में भी सिर्फ नतीजे दिए गए हैं लेकिन वे भी इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे कि पुरुषों में इतना ज्यादा संक्रमण होने की वजह क्या है। कोलकाता के पलमोनरी साइंस (फेफड़ों की बीमारी) के विशेषज्ञ डॉक्टर सात्यिकी हालदार भी मानते हैं कि अभी पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के जीन का अध्ययन पूरा नहीं हो पाया है।

वैज्ञानिक अभी भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि यह वायरस मनुष्य की प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कैसे खत्म कर देता है। यह मालूम होते ही कोरोना-19 की वैक्सीन तैयार कर ली जाएगी।

कोरोना वायरस - फोटो : PTI
पुरुषों में स्मोकिंग हो सकती है वजह
सांस की बीमारियों के विशेषज्ञ डॉ पार्थ प्रतिम बोस मानते हैं कि पुरुषों में अधिक संक्रमण का एक कारण उनका महिलाओं के मुकाबले बीड़ी, सिगरेट, हुक्का आदि का ज्यादा सेवन करना है। इससे उनके फेफड़े पहले ही कमजोर हो जाते हैं। इटली में भी कोरोना के इतना अधिक और इतना तेज विस्तार के पीछे भी वहां के पुरुषों में स्मोकिंग का ज्यादा चलन है।
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कोरोना वायरस - फोटो : PTI
घर से ज्यादा निकलना है कारण
वहीं एनडीएमसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर एन सिंह का मानना है कि इन नतीजों के पीछे सामाजिक वजह ज्यादा है बजाय वैज्ञानिक के। चूंकि पुरुष घर से बाहर ज्यादा निकलते हैं इसलिए उनमें संक्त्रस्मण की आशंका ज्यादा होती है। हालांकि यह बात भी सही है कि जब संक्रमित पुरुष घर लौटता है तो उससे घर की महिलाओं को संक्रमण होने का खतरा भी बराबर होता है।
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