आईसीएमआर के डॉ. रमन गंगाखेड़कर ने बताया कि कोविड-19 की जांच करने के लिए दिए गए ऑर्डर में से 8 अप्रैल को 2.5 लाख जांच किट मिल जाएंगी। समझा जा रहा है कि जांच किट के आने के बाद कोविड-19 की जांच में तेजी आएगी।
डा. रमन गंगाखेड़कर से जब सात लाख या 8 लाख किट के ऑर्डर के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इससे साफ मना कर दिया। डा. रमन गंगाखेड़कर ने कहा कि उन्हें नहीं मालुम 8 किट का ऑर्डर देने की बात कहां से आई।
हालांकि पांच लाख जांच किट के ऑर्डर को भी कोविड-19 के संक्रमण को देखते हुए ऊंट के मुंह में जीरा माना जा रहा है। अमर उजाला ने पहले ही जानकारी दी थी कि केंद्रीय एजेंसियां अभी जांच को सुलभ, सहज बनाने और जांच किट की उपलब्धता को लेकर काफी संवेदनशील हैं।
दिल्ली के एक निजी अस्पताल के एमडी डा. विनोद बिहारी कई बार की जांच की जरूरत की ओर ध्यान दिलाते हुए कहते हैं कि बालीवुड की गायिका कनिका कपूर की कोविड-19 की अब तक छह जांच हुई है।
चार जांच परीक्षण का नतीजा निगेटिव आया, पांचवे टेस्ट में निगेटिव आया। छठवें टेस्ट में उन्हें कोविड-19 संक्रमण से मुक्ति मिलने की सूचना आई है। डा. विनोद बिहारी का कहना है कि एक संक्रमित की औसतन चार से पांच बार जांच की जा रही है।
इसे देखते हुए मौजूदा संक्रमितों की जांच में ही करीब एक लाख बीस हजार किट की जरूरत होगी।
चीन से भारत को 1.7 लाख पीपीई दान स्वरूप मिले
कोरोना वायरस के संक्रमण के इलाज में चिकित्साकर्मियों के इस्तेमाल में आने वाले निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की 1.7 लाख किट चीन से भारत को सोमवार को मिल गई। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी देते हुये बताया कि चीन ने भारत को कोरोना संकट से निपटने के लिए सहायता के रूप में ये किट दी हैं।
मंत्रालय के अनुसार देश में निर्मित 20 हजार पीपीई की आपूर्ति होने के साथ ही अब अस्पतालों को 1.90 लाख पीपीई की आपूर्ति कर दी जाएगी। देश में पीपीई की मौजूदा उपलब्धता 3,87,473 हो गई है।
मंत्रालय के अनुसार राज्यों को केंद्र सरकार की ओर से अब तक 2.94 लाख पीपीई की आपूर्ति कर दी गई है। इसके अलावा देश में ही बने दो लाख एन95 मास्क भी अस्पतालों को मुहैया कराए गये हैं। इसके अलावा अन्य स्रोतों से मिले इस श्रेणी के 20 लाख मास्क की पहले ही अस्पतालों को आपूर्ति कर दी गई है।