लॉकडाउन के चलते विदेशों में फंसे भारतीय छात्रों की सलामती के लिए हाईकोर्ट के निर्देशों पर केंद्र ने 24 घंटे हेल्पलाइन शुरू की है। इसके माध्यम से लोगों की मदद करने की कोशिश की जा रही है। न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा और न्यायमूर्ति नवीन चावला की पीठ ने स्कॉटलैंड की राजधानी एडिनबर्घ में फंसे भारतीय छात्र को वापस लाने के लिए दायर याचिका पर केंद्र से जवाब मांगा था।
यह याचिका एडिनबर्घ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले छात्र के पिता ने दायर की है, जिसमें कहा गया है कि भारतीय विदेश मंत्रालय की ओर से लॉकडाउन के दौरान सभी यातायात संसाधनों पर लगाई गई रोक के कारण उनका बेटा भारत वापस आने में असक्षम है। उसे वापस लाने के लिए केंद्र सरकार को व्यवस्था करने के निर्देश देने की मांग की गई है।
वहीं, उनके बेटे को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए पर्याप्त चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। उनके वकील जगदीप सिंह बक्शी ने पीठ को बताया कि एक ई-मेल के जरिए उनके मुवक्किल के बेटे ने आपबीती बताई, जिसमें बताया गया कि उसे कोरोना संक्रमण से बचने के लिए मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
केंद्र की ओर से मौजूद वकील अमित महाजन ने पीठ से कहा कि भारत सरकार विदेशी सरकारों के संपर्क में हैं और वहां फंसे छात्रों के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस छात्र के लिए स्कॉटलैंड सरकार से भी संपर्क किया गया है। छात्र से व्यक्तिगत रूप से संपर्क करके भारतीय दूतावास के हेल्पलाइन नंबर्स, आपातकालीन टेलीफोन नंबर, वेबसाइट, ई-मेल और सोशल मीडिया लिंक्स की जानकारी दी गई है।
छात्र को उन नजदीकी जगहों की भी सूची उपलब्ध कराई गई है, जहां से छात्र कोरोना वायरस संक्रमण से बचने के मूलभूत वस्तुएं खरीद सके। हालांकि, वहां भी फिलहाल मास्क और सैनिटाइजर उपलब्ध नहीं है। पीठ से कहा गया है ऐसी स्थिति में छात्र को फिलहाल वापस नहीं लाया जा सकता।