सरकार ने शनिवार को कोरोना वायरस के फैलते प्रकोप के बीच शिपमेंट पर अंकुश लगाने के लिए डायग्नोस्टिक (जांच) किट के निर्यात पर रोक लगा दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने एक अधिसूचना में कहा, 'डायग्नोस्टिक किट के निर्यात को तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाता है।'
इस कदम से कोविड-19 संकट से निपटने में मदद मिलेगी क्योंकि ये किट मरीजों के परीक्षण के लिए आवश्यक हैं। इससे पहले इन उत्पादों के निर्यात को बिना किसी प्रतिबंध के अनुमति दी गई थी। इन्हें प्रतिबंधित श्रेणी में रखने का मतलब है कि अब निर्यातक को आउटबाउंड शिपमेंट के लिए डीजीएफटी से लाइसेंस की आवश्यकता होगी।
यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है जब देश में संक्रमितों की संख्या 2902, मृतकों की संख्या 68 और 183 लोगों ठीक हो चुके हैं। सरकार कोरोना वायरस संकट का प्रबंधन करने के लिए हेल्थकेयर इन्फ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने और कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई के लिए सुरक्षात्मक उपकरणों और आवश्यक वस्तुओं की संख्या बढ़ाने की भी कोशिश कर रही है।
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने शनिवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई) की कमी है। मंत्री ने कहा, 'हमारे स्टॉक में केवल 7000-8000 पीपीई किट बचे हैं जो 2-3 दिन चलेंगे। हमने तत्काल आधार पर 50,000 पीपीई किट की मांग की है।'
महाराष्ट्र और तमिलनाडु के बाद दिल्ली देश में तीसरे नंबर पर कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है। यहां संक्रमितों की संख्या 411 हो गई है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि राजधानी में कोरोना वायरस रोगियों की कुल संख्या में 250 से अधिक लोगों का निजामुद्दीन के मरकज के साथ संबंध है।